सेना के कर्नल ने मोदी सरकार को नोटिस भेज दी धमकी, कहा- ‘ले जाऊंगा कोर्ट’

सेना के कर्नल ने मोदी सरकार को नोटिस भेज दी धमकी, कहा- ‘ले जाऊंगा कोर्ट’

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने जुलाई महीने से जवानों के लिए मुफ्त राशन के बदले 96 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से नकदी देने का फैसला लिया था। जिसे लेकर अब सेना के अधिकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। इसके खिलाफ राजस्थान में सेना की लीगल विंग में डेप्यूटी जज कर्नल मुकुल देव ने मोदी सरकार को एक नोटिस भेजकर धमकी दी है।

खास बातें-

  1. मोदी सरकार के खिलाफ सेना के अधिकारी ने खोला मोर्चा
  2. मुफ्त राशन के बदले नकदी देने के फैसले के खिलाफ भेजा नोटिस
  3. राजस्थान में सेना की लीगल विंग में डेप्युटी जज कर्नल हैं मुकुल देव
  4. कर्नल मुकुल देव ने कहा फैसले को नहीं बदला तो जाएंगे कोर्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, कर्नल देव ने 1 जुलाई को मोदी सरकार को भेजे नोटिस में कहा, ‘राशन के बदले नकदी देने का प्रावधान कानून में नहीं है। यह अवैध आदेश है जो मेरी सेवा के बुनियादी नियमों और शर्तों का उल्लंघन करता है।’ मुकुल देव ने नोटिस देकर मोदी सरकार को धमकी दी है कि अगर इस फैसले को बदला नहीं जाता तो वह कोर्ट जाएंगे। देव ने रक्षा सचिव संजय मित्रा के जरिए यह नोटिस भिजवाया है। नोटिस में इस फैसले को 60 दिनों के भीतर वापिस लेने को कहा गया है।

इसके अलावा कर्नल ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 80 के तहत, वह संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा आयोग के विज्ञापन/अधिसूचना की संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा पास कर के 1988 में सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि अधिसूचना में स्पष्ट रूप से सेवा की अन्य शर्तों के अलावा, मुफ्त राशन का प्रावधान था। मुफ्त राशन के बदले में नकदी के प्रावधान का कोई जिक्र नहीं था।

आपको बता दें कि शांतिपूर्ण और मैदानी इलाकों में तैनात सेना के जवानों को मुफ्त राशन पहुंचाया जाता है। वहीं केंद्र की मोदी सरकार ने इसी जुलाई महीने से मुफ्त राशन के बजाए 96 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से नकदी देने का फैसला लिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना के कई अधिकारी इस फैसले का विरोध कर चुके हैं।

 

अधिकारियों का कहना है कि मुफ्त राशन से एक छोटे परिवार के खाने की लगभग सभी जरूरतें पूरी हो जाती हैं लेकिन कैश देने से बात नहीं बनेगी। अधिकारियों का कहना है कि 96 रुपए एक छोटी राशि है। वहीं हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में ल्यूटिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एसपीएस कटेवा ने भी बताया कि 96 रुपये एक छोटी राशि है। कटेवा ने आगे कहा कि तय की गई राशि की तुलना बाजार के दाम से करें तो यह बहुत कम है। मेरे हिसाब से 250 रुपये के करीब रेट तय करना ज्यादा बेहतर होता।

इससे पहले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर वीडियो पोस्‍ट कर खाने की गुणवत्‍ता पर सवाल उठाए थे। यादव की नियंत्रण रेखा के पास तैनाती थी और जनवरी के पहले सप्‍ताह में उन्‍होंने आरोप लगाया था कि जो राशन जवानों के लिए आता है उसे सीनियर अधिकारी बाजार में बेच देते हैं। वहीं ड्यूटी देने वाले जवानों को घटिया खाना मिलता है।

Courtesy: nationaldastak.

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