कॉपीराइट को लेकर अक्षय कुमार की ‘टॉयलेट…’ से ‘गुटरुं गुटरगूं’ की जंग

नई दिल्‍ली: अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’के कॉपीराइट अधिनियम के उल्लंघन मामले में उठे विवाद पर बहस दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही. जयपुर के फिल्मकार प्रतीक शर्मा के वकील जी.डी. बंसल ने कहा, ‘जयपुर की मेट्रोपॉलिटिन अदालत में आज (मंगलवार) सारे दिन बहस जारी रही और कल (बुधवार) भी जारी रहेगी.’  प्रतीक ने अक्षय अभिनीत फिल्म के निर्माता ‘प्लॉन सी स्टूडियोस’ के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज किया था और इसी के बाद यह सुर्खियों में आया. नीरज और शीतल भाटिया की कंपनी ‘फ्राइडे फिल्मवर्क्‍स’ ने रिलायंस एंटरटेनमेंट के साथ इस फिल्म को रिलीज किया है. इन सभी के साथ-साथ वॉयकॉम-18 के खिलाफ भी सात जुलाई को जयपुर मेट्रोपॉलिटन अदालत में मामला दर्ज किया गया था.

प्रतीक ने कहा कि निर्माताओं ने उनकी फिल्म ‘गुटरू गुटर गूं’ के विषय और इसकी पंच लाइन को चुराया है. वॉयकॉम-18 के वकील एस.एस. होरा ने आईएएनएस को दिए बयान में कहा, ‘हमने चार बड़े मुद्दों पर बहस की. पहला, किसी भी विचार और सोच का कॉपीराइट नहीं होता. दूसरा, प्रतीक ने जो दावा किया है वह एक सार्वजनिक क्षेत्र में है और एक असल जीवन या कहा जाए, तो भारत उनकी रचना नहीं है.’ बता दें कि प्रतीक शर्मा की इस फिल्‍म में उनकी पत्‍नी अस्‍मिता शर्मा मुख्‍य भूमिका में हैं.

toilet ek prem katha

फिल्‍म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ में अक्षय कुमार के साथ भूमि पेडणेकर नजर आने वाली हैं. 


होरा ने कहा कि तीसरा मुद्दा फिल्म जगत में रहने का है. वह जानते थे कि इस मुद्दे पर फिल्म आएगी. इसके बाद, चौथा मुद्दा फिल्म के कई हितधारकों का अदालत में न आना. वह सभी को जानते हैं, लेकिन उन्होंने उन सभी को शामिल नहीं किया, जो कि गलत है. ऐसे में किसी भी तरह की राहत नहीं दी जानी चाहिए. जयपुर मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने 26 जुलाई को ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ के निर्माताओं को इस मामले की प्रतिक्रिया में जवाब देने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया था. नारायण सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर आधारित है. इसमें अक्षय के साथ भूमि पेडनेकर भी मुख्य भूमिका में हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जयपुर के फिल्‍मकार  प्रतीक शर्मा का दावा है कि उनकी फिल्‍म ‘गुटरुं गुटरगूं’ घरों में शौचालयों की कमी को दर्शाने वाली है और इसे सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को दिखाया जा चुका है. इसके अलावा, इस फिल्म को दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव, भारतीय फिल्मोत्सव मेलबर्न और राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव जैसे महोत्सवों में भी भेजा गया है. दो साल तक संघर्ष के बाद उनकी टीम फिल्म इस साल 28 जुलाई को फिल्म को रिलीज करने के लिए तैयार है. लेकिन, अब वितरकों ने यह कहकर हाथ पीछे खींच लिए हैं कि यह फिल्म ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ की तरह ही है.

Courtesy: NDTV

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