जो संघ की भाषा नहीं बोलेगा वो जेएनयू में नहीं पढ़ पाएगा- दिलीप यादव

जो संघ की भाषा नहीं बोलेगा वो जेएनयू में नहीं पढ़ पाएगा- दिलीप यादव

नई दिल्ली। जेएनयू के निष्कासित छात्र दिलीप यादव ने एडमिन ब्लॉक पर एक प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर हमला किया। दिलीप यादव ने कहा, ”कैंपस में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक्टिविस्टों को जिस प्रकार से निशाना बनाया जा रहा है, वह बहुत गलत है। आप पहले देखेंगे कि प्रशासन जो यूजीसी गजट इंप्लीमेंट कर रहा था उसमें हम मांग कर रहे थे कि फैकल्टी स्तर पर ओबीसी आरक्षण लागू किया जाए।  हमारी दूसरी मांग थी कि इस कैंपस में जो जातिगत शोषण होता है। एमफिल और पीएचडी के इंटरव्यू में जो भेदभाव होता है, उसको समाप्त करने को लेकर हम मांग उठा रहे थे।

मुख्य बातें-

  1. जेएनयू के निष्कासित छात्र ने प्रशासन और वीसी पर साधा निशाना
  2. 27 जुलाई को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाहर निकाला था
  3. दिलीप यादव ने कहा-जेएनयू में होता है जातिगत शोषण और भेदभाव
  4. दिलीप यादव ने कहा- इस भेदभाव के देशभर में लड़ेंगे लड़ाई

दिलीप यादव ने कहा, ‘ये टैंक की बात तो करते हैं लेकिन ऐकेडमिक टैंक की बात नहीं करते हैं। जो ऐकेडमिक टैंक को इन्होने यूजीसी गजट के माध्यम से रोका है, वो बहुत ही गलत किया है। क्योंकि यह चाहते हैं कि इस देश में संघ की भाषा बोलें, जो संघ की भाषा नहीं बोलेगा वो यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ पाएगा।’

उन्होने कहा, ‘इस लड़ाई में हम सब एक हैं। इस लड़ाई पूरे देश में लड़ेंगे। ये लड़ाई केवल दिलीप यादव और मोहित पांडे की नहीं हैं, यह लड़ाई इस देश के उन लोगों की है जो आज दूर-दराज इलाके में बैठे हैं और जेएनयू का सपना देखते हैं। यह लड़ाई वंचितों, गरीबों और खेतों में मजदूरी करने वालों की लड़ाई है। जो अपने बच्चों को जेएनयू में पढ़ाने का सपना देखते हैं। प्रशासन, संघी और भाजपा सरकार यह नहीं चाहते हैं।

 दिलीप यादव ने कहा, ‘अभी आप देखेंगे बीजेपी आरक्षण के पीछे पड़ी हुई है। क्योंकि वह नहीं चाहते हैं कि जो 85 फीसदी इस देश का है, वह यूनिवर्सिटी में पढ़कर अपनी आवाज उठा पाए। जिन नौ छात्र सस्पेंड किए गए थे उसमें एससी, एसटी, ओबीसी और पिछड़े तबकों के छात्र थे। वहां लगभग (ऐकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में) सौ लोग गए थे लेकिन एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के छात्रों को निशाना बनाया गया। उन्होने यह दिखाया था कि अगर आप कैंपस में आवाज उठाएंगे तो आपको उठाकर बाहर फेंकेंगे।

दिलीप यादव ने कहा, ‘यहां केवल दो चार छात्रों को निशाना नहीं बनाया जा रहा है बल्कि पूरी यूनिवर्सिटी को बंद करने का प्लान बनाया जा रहा है।’ इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय समेत कई छात्र मौजूद थे।

Courtesy: nationaldastak

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