चोटी कटने का सिलसिला जारी, फैल रही हैं इस तरह की अफवाहें

चोटी कटने का सिलसिला जारी, फैल रही हैं इस तरह की अफवाहें

नई दिल्ली/ लखनऊ। (जेएनएन)। महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिससे चौतरफा हड़कंप मच गया है। दिल्ली, राजस्थान,  मध्यप्रदेश, हरियाणा होते हुए यह उप्र के आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, बिजनौर, अमरोहा तक फैल गया। बुधवार रात से लेकर गुरुवार तक 22 और महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं सामने आई हैं।

डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों का कहना है कि अंधविश्वास से बचें, यह भ्रम भी हो सकता है। इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। हर जगह हो रही वारदात के पीछे पुलिस बहुत हद तक शक जता रही है कि इन घटनाओं के पीछे जरूर घर के किसी सदस्य का ही हाथ है या फिर कहीं महिलाएं खुद ही तो अपनी चोटियां नहीं काट रही हैं?

अभी तक किसी ने देखा ‘चोटी चोर’

अभी तक चोटी काटने के जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें एक बात समान है कि सभी महिलाओं की चोटी घर के अंदर ही कटी है। किसी भी शख्स को आते-जाते नहीं देखा गया। कुछ लोगों ने किसी अनोखी शक्ति या फिर शैतान का जिक्र जरूर किया लेकिन अभी तक कोई पुख्ता बात सामने नहीं आ सकी है, लिहाजा पुलिस के हाथ खाली हैं।

 

फॉरेंसिक वैज्ञानिक उठाएंगे ‘चोटी कटवा’ के रहस्य से पर्दा

महिलाओं में दहशत का कारण बन रहे ‘चोटी कटवा’ के रहस्य से अब फॉरेंसिक वैज्ञानिक पर्दा उठाएंगे। गुरुवार को आगरा के दयालबाग से एक महिला के कटे बाल पुलिस ने जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक जांच के दौरान माइक्रोस्कोप से बालों का पैटर्न देखा जाएगा।

इससे यह पता चल जाएगा कि बाल सीधे काटे गए हैं या तिरछे। अगर सीधे काटे गए हैं, तो वे कैंची या अन्य धारदार यंत्र से काटे गए होंगे। अगर तिरछी आकृति मिलेगी, तो इससे यह साबित हो जाएगा कि उन्हें धीरे-धीरे काटा गया। इसके साथ ही महिला के बालों के नमूने से कटे हुए बालों को मैच भी कराके देखा जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि बाल संबंधित महिला के ही हैं या किसी और के? आवश्यकता पड़ने पर बालों का केमिकल परीक्षण भी किया जाएगा।

हैलूसिनेशन के लक्षण

जेएन मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक प्रो. राकेश कुमार गौर कहते हैं कि कोई आत्मा चोटी नहीं काटेगी। यह एकदम अफवाह है। यह सत्य है कि कोई तो चोटी काट रहा है। खुद पीडि़त या फिर कोई और। यह खुद नहीं कटेगी। मनोविज्ञान की भाषा में यह लक्षण हैलूसिनेसन नाम की बीमारी के लगते हैं। इसमें रोगी को दृष्टिभ्रम हो जाता है।

ऐसे मामले कहलाते हैं ‘मास हिस्टिरिया’

बहरहाल मुंह नोंचवा, मंकी मैन जैसी घटनाओं के बाद चोटी काटे जाने से जुड़ी ‘मास हिस्टिरिया’ की यह घटना लगातार फैलती ही जा रही है। अगर यह घटनाएं बस लोगों का वहम मात्र है तो गौरतलब यह है कि जिस तरह से मुंह नोंचवा पकड़ा नहीं जा सका, मंकी मैन कहां चला गया.. उसी तरह से चोटी काटने वाला ये शख्स आखिर कब लोगों के जेहन से निकलेगा, इसका सभी को इंतजार है।

 

यूपी में अलर्ट जारी

आगरा में महिला को चोटी काटने वाली चुड़ैल कह कर मार दिए जाने के बाद यूपी के डीजीपी ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है और अफवाह फैलाने वालों के जेल भेजने को कहा है। इसके बावजूद मथुरा हापुड़ अलीगढ और फैजाबाद में तमाम लड़कियों की चोटियां कट गई। सिर्फ मथुरा में ही 21 महिलाओं की चोटी काट ली गई है। यूपी के तमाम गांवों में लोग चोटी काटने वाली चुड़ैल के डर से टोना टोटका कर रहे हैं।

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वहीं यूपी के डीजीपी ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है कि अफवाह फैलाने वाले जेल भेजे जाएंगे। ट्वीट करके बाकायदा अडवायजरी जारी की गई है।

Courtesy: Jagran.com

Categories: Crime

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