जानिए पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को क्यों लगाई फटकार?

जानिए पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को क्यों लगाई फटकार?

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंटर कॉलेजों से 50 साल की ज्यादा उम्र वाले शिक्षकों को जबरन रिटायर कर रहे हैं। लेकिन बिहार से एक चौंकाने वाली खबर आई है। बिहार में स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को लेकर पटना हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। यही नहीं पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में नीतीश सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया है।

खास बातें-

  1. पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को लगाई फटकार
  2. बिहार के स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मामला
  3. लोकहित याचिका पर सुनवाई कर रहे थे मुख्य न्यायाधीश

प्रभात खबर के अनुसार, बिहार के प्रोजेक्ट कन्या विद्यालय पंडारक में शिक्षकों की कमी के मामले में पटना हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने प्रसाद शर्मा की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फटकार लगाई।

याचिकाकर्ता ने बताया गया कि पटना जिला के पंडारक में प्रोजेक्ट कन्या विद्यालय में करीब 650 छात्राएं पढ़ती हैं। इसमें शिक्षकों के 19 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र तीन शिक्षक ही बहाल हैं। वहीं राज्य के मेडिकल कॉलेजों व हॉस्पिटल सहित सदर अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं व विभिन्न डॉक्टर सहित विभिन्न पदों पर बहाली को लेकर दायर लोकहित याचिका को पटना हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है।

पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से चार सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने बताया कि सूबे के मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल सहित सदर अस्पताल व आइजीआइएमएस में अभी तक केवल असिस्टेंट प्रोफेसर व मेडिकल ऑफिसर की बहाली की गयी है।

 

Courtesy: nationaldastak

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