UP में स्वाइन फ्लू के 298 पॉजिटिव केस-10 की मौत, लखनऊ में 173

UP में स्वाइन फ्लू के 298 पॉजिटिव केस-10 की मौत, लखनऊ में 173
लखनऊ.प्रदेश से अब तक 2017-18 में स्वाइन फ्लू के 298 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है, जिसमें 10 की डेथ हुई है। वहीं, अकेले लखनऊ में 173 केस देखने को मिले, जबकि 23 पॉजिटिव पाए गए। इसमें एक महिला की डेथ हुई। इसको लेकर लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं, गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में पेशेंट भारी संख्या में पहुंच रहे है। इसके लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक टोल फ्री नंबर भी जारी कर दिया है।गवर्नमेंट ने उठाये ये कदम …
– स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए यूपी के सभी डिस्ट्रिक्ट में क्विक रेस्पोंस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई है।
– इस टीम में एक हेल्थ एक्सपर्ट, एक फिजिशियन, एक एपीडेमियोलॉजिस्ट, एक पैथोलॉजिस्ट एक लैब टेक्नीशियन को शामिल किया गया है। इससे जरुरत पड़ने पर मौके पर ही पेशेंट का ट्रीटमेंट से लेकर ब्लड सैंपल कलेक्ट करने का काम कर रही है।
– प्रदेश के सभी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स में 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। केजीएमयू, पीजीआई, राम मनोहर लोहिया इंस्टीटयूट और स्वास्थ्य भवन की स्टेट लैब में स्वाइन फ्लू की जांच फ्री में कराई जा रही है।
– स्टेट हेड क्वाटर लखनऊ में सर्विलांस यूनिट और अन्य डिस्ट्रिक्ट में सर्विलांस यूनिट का गठन किया गया है। यह स्वाइन फ्लू की मॉनिटरिंग कर रही है।

हेल्थ डिपार्टमेंट ने जारी किया टोल फ्री नंबर
– प्रिंसिपल सेक्रेटरी मेडिकल एंड हेल्थ प्रशांत त्रिवेदी के मुताबिक, हेल्थ डिपार्टमेंट ने एन्फ्लुएन्जा-ए-एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
– हॉस्पिटल्स में मास्क और मेडिसिन की व्यवस्था करा दी गई है। किसी भी प्रकार की जानकारी मुहैया कराने के लिए स्टेट हेड कवाटर पर एक काल सेंटर भी बनाया गया है।
– यह कॉल सेंटर 24 घंटे संचालित होता है। टोल फ्री नंबर 18001805145 पर कॉल कर कोई भी व्यक्ति स्वाइन फ्लू से जुड़ी जरुरी जानकारी ले सकता है।

2017-18 में 10 और 2016- 17 में 16 की मौत

– वेक्टर बॉर्न डिजीज के लखनऊ कंट्रोलर डॉ. बद्री विशाल के मुताबिक, 2017-18 में अभी तक प्रदेश से स्वाइन फ्लू के 298 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिसमें 10 की डेथ हुई है।
– 2016-17 में 122 पॉजिटिव केस सामने आए, जबकि 16 पेशेंट की डेथ हुई।
2009 से फैल रहा है स्वाइन फ्लू
– 2009 में स्वाइन फ्लू का पहला मामला मैक्सिको में देखा गया था। इसके बाद यह बीमारी कई देशों में फैल गई।
– 11 मई 2009 को हैदराबाद के एयरपोर्ट पर एक पैसेंजर्स की स्क्रीनिंग में एच1एन1 से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। वो पैसेंजर्स अमेरिका से हैदराबाद आया था।
– बताया जाता है कि पैसेंजर सुअर के संपर्क में आया। उसके बाद से उसे ये बीमारी हुई थी।
– इसके बाद यह बीमारी महाराष्ट्र, अहमदाबाद, दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में फैल गई। साल 2009 में दिल्ली में 149 लोगों की इससे डेथ हो गई थी।
– साल 2010 तक स्वाइन फ्लू ने देश में कोहराम मचाया था। उस दौरान इससे पीड़ित देश भर में 1,763 लोगों की मौत हो गई थी।
ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू
– स्वाइन फ्लू आम सर्दी-जुकाम के तरह ही होता है। खांसी, गले में खरांश, बुखार, सिर दर्द, कंपकंपी और थकान इसके लक्षण हैं।
– पेशेंट के खांसने या छीकने से संक्रमण हवा में फैलते हैं। कोई व्यक्ति जब इस संक्रमित हवा के संपर्क में आ जाए तो उसे भी स्वाइन फ्लू से इन्फेक्टेड हो जाता है।
बच्चों और बुर्जुगों के लिए खतरनाक
– स्वाइन फ्लू के मरीजों की विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है।
– 5 साल की उम्र से कम, 65 साल या उससे ज्यादा है और गर्भवती महिला के लिए घातक साबित हो सकता है, इसलिए उनका खास ध्यान रखना चाहिए।
ये है स्वाइन फ्लू के लक्षण
– तेज बुखार।
– बॉडी पर लाल चकत्ते दिखाई देना।
– भूख कम लगना।
– थकान महसूस होना।
– पैर की पसलियों में तेज दर्द।
– हिमोग्लोबिन की तेजी से कमी।
ऐसे करें बचाव
– स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से तीन फुट का फासला रखें।
– खांसी/छींक आने पर टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत डिस्पोज कर दें। गुनगुना पानी जरुर पिए।
– बुखार होने के बाद कम से कम 24 घंटे घर से बाहर न निकलें।
हेल्थ डिपार्टमेंट का पक्ष ?
– प्रिंसिपल सेक्रेटरी मेडिकल एंड हेल्थ प्रशांत त्रिवेदी के मुताबिक, हेल्थ डिपार्टमेंट इस बीमारी से निपटने में पूरी तरफ से सक्षम है।
– सभी हॉस्पिटल्स में स्वाइन फ्लू के पेशेंट के ट्रीटमेंट के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है और बेड रिजर्व किया गया है।
– मास्क और जरुरी मेडिसिन भी प्रोवाइड कराई जा रही है। स्वाइन फ्लू से घबराने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है।
Courtesy: Bhaskar.com
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