मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बलि का बकरा बना जिम्मेदारी से न भागे प्रदेश सरकार- मायावती

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बलि का बकरा बना जिम्मेदारी से न भागे प्रदेश सरकार- मायावती

लखनऊ। गोरखपुर में कुछ दिनों के अंदर हुई साठ से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने  मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर सरकारी स्तर पर उदासीनता और लापरवाही का आरोप लगाया। मायावती ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री की ओर से दिए गए बयान  ‘‘अगस्त के महीने में काफी बच्चों की मौत होती है” को अत्यन्त ही दुःखद, संवेदनहीन व गै़र-ज़िम्मेदाराना बताया। स्वास्थ्य मंत्री के बयान की कड़ी निन्दा करते हुये कहा कि कम-से-कम अब मुख्यमंत्री को जरूर सतर्क व सख़्त हो जाना चाहिये और इस गम्भीर घटना के लिये प्रथम दृष्टया दोषियों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई करना चाहिये ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।

मुख्य बातें-

  1. मायावती ने बच्चों की मौत के लिए सरकारी स्तर पर उदासीनता व लापरवाही का आरोप लगाया
  2. स्वास्थ्य मंत्री के बयान को बताया संवेदनहीन और गैर जिम्मेदाराना
  3. मायावती ने कहा- सख्त कदम उठाएं सीएम योगी आदित्यनाथ, ताकि इस तरह की घटना फिर न हों

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बुलायी गयी प्रेस कान्फ्रेंस में दी गयी सफाई पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती ने आज अपने बयान में कहा, ”दोषियों को बख़्शेंगे नहीं” तथा ”अपराधियों को बख़्शेंगे नहीं” आदि उपदेश सुनते-सुनते अब प्रदेश की जनता काफी ऊब चुकी है, क्योंकि ऐसी घोषणाओं के बाद ना तो कोई सख़्त कार्रवाई दोषियों के खिलाफ हो रही है और ना ही शर्मनाक व दुःखद आपराधिक घटनायें ही रूक रही हैं।” मायावती ने कहा, ”इस प्रकार प्रदेश बीजेपी सरकार अपराध-नियन्त्रण व कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा आदि जैसे आवश्यक बुनियादी जनसेवा के मामले में भी अब तक विफल ही साबित होती चली जा रही है।”

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा, ”गोरखपुर के ही बच्चों के मौत के लापरवाही के संगीन मामले में भी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल को बलि का बकरा बनाकर प्रदेश सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से भागने का ही प्रयास किया है जबकि पीड़ित परिवारों में न्याय का एहसास दिलाने के लिये यह आवश्यक था कि तत्काल सख्त से सख्त कदम उठाया जाये जो कि नहीं किया जा रहा है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सम्बंध में केवल लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।”

मायावती ने आगे कहा, ”जैसाकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री स्वयं ही कह रहे हैं कि ‘अगस्त महीने में बड़ी संख्या में बच्चों की मौतें होती रहती हैं‘‘, जिस कारण प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य मंत्री को कम से कम मुख्यमंत्री के ज़िले में और भी ज्यादा सतर्क रहना चाहिये था अर्थात कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिये थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिस कारण स्वयं बीजेपी के सांसद के शब्दों में बच्चों का ‘‘नरसंहार‘‘ किया गया है और माताओं की गोद उजड़ गयी हैं। इस जघन्य अपराध के पीछे जैसाकि मीडिया बार-बार उजागर कर रहा है, सरकारी लापरवाही के साथ-साथ विभागीय भ्रष्टाचार का भी मामला है जिसके प्रति भी व्यापक जनहित के मद्देनज़र प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को फौरन ही काफी गम्भीर व सख़्त होने की ज़रुरत है। यह बीएसपी की मांग भी है।”

 

उन्होने आगे कहा, ”देर से ही सही पर मुख्यमंत्री द्वारा इस सम्बंध में गोरखपुर मेडिकल कालेज का दौरा करना अच्छी बात है, परन्तु इसके बाद आपेक्षित सख्त कार्रवाई से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी सुधरेगी, विभाग में हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार कितना कम होगा तथा प्रदेश में अन्य माताओं की कितनी गोद सरकारी लापरवाही से बच पायेगी, यह आगे देखने वाली बात होगी। केन्द्र व प्रदेश की बीजेपी सरकार को यह नहीं समझना चाहिये कि प्रदेश व देश की जनता की उन पर कड़ी निगाह नहीं है।”

Courtesy: nationaldastak.

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