योगी सरकार में की गई बच्चों की ‘सामूहिक बालहत्या’- शिवसेना

योगी सरकार में की गई बच्चों की ‘सामूहिक बालहत्या’- शिवसेना

गोरखपुर। कल देश अपना 70वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। लेकिन गोरखपुर के अस्पताल में पिछले सात दिनों में 70 बच्चों की मौत ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सच में हम आजाद है? इस घटना को लेकर पूरे देश में रोष है। नन्हे बच्चों की मौत ने सबको रुला दिया है। इस घटना के बाद पूरे देश में योगी सरकार की किरकिरी हो रही है। खुद एनडीए में शामिल सहयोगी दल भी इस घटना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

खास बातें-

  1. शिवसेना ने बच्चों की मौत पर योगी सरकार पर साधा निशाना
  2. शिवसेना ने बच्चों की मौत को सामूहिक बालहत्या बताया
  3. यूपी में बाल हत्या तांडव स्वतंत्रता दिवस का अपमान- शिवसेना

इसी क्रम में महाराष्ट्र में भाजपा सरकार में सहयोगी और केंद्र की एनडीए सरकार में साथ रहने वाली पार्टी शिवसेना ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में इस घटना को ‘सामूहिक बालहत्या’ करार दिया गया है। सामना में लिखा गया है, ‘उत्तर प्रदेश का बाल हत्या तांडव- स्वतंत्रता दिवस का अपमान है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर अस्पताल में 70 बच्चों की मौत को ‘सामूहिक बालहत्या’ ही कहेंगे, यह गरीबों की बदकिस्मती है। गरीबों का दुख, उनकी वेदना और उनकी ‘मन की बात’ को समझने के बजाए, उनकी वेदनाओं की खिल्ली उड़ाई जा रही है। जो हुआ है, उसके लिए जिम्मेदार कौन है।’

सामना में यूपी की योगी सरकार के साथ-साथ मोदी सरकार पर भी हमला बोलते हुए लिखा गया है कि, “केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने के बावजूद, आज भी सरकारी अस्पतालों में गरीब और ग्रामीण लोगों के लिए ‘अच्छे दिन’ नहीं आए हैं।” सामना में इस हृदयविदारक घटना को स्वतंत्रता की विफलता करार दिया गया है। सामना में लिखा है, “गरीबों का दुख और उनकी वेदना राजनेताओं को झंझोड़ती नहीं है, यही हमारे स्वतंत्रता की विफलता है।”

सामना में योगी कैबिनेट के हेल्थ मिनिस्टर पर निशाना साधते हुए लिखा गया है, “उत्तर प्रदेश के आरोग्य मंत्री का कहना है कि अगस्त के महीने में बच्चे मरते ही हैं। तो हमारा सवाल है कि, अगस्त के महीने में सिर्फ गरीबों के बच्चे ही क्यों मरते हैं- क्यों अमीरों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होता।”
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