ढाई साल में चार बार रो चुके हैं

ढाई साल में चार बार रो चुके हैं

 

हैदराबाद। अपने भाषणों में सवा सौ करोड़ देशवासियों को संबोधित करते हुए मोदी को आपने कई बार सुना होगा। 2014 के लोकसभा इलेक्शन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी देश से लेकर विदेश तक न जाने कितने भाषण दे चुके हैं। उनके भाषण को सुनकर किसी को कभी लगा नहीं कि प्रधानमंत्री इतने भावुक भी हैं। उनके ढाई साल के कार्यकाल में चार मौके ऐसे आए जब प्रधानमंत्री को रोते हुए देश-विदेश तक के लोगों ने देखा। अब सवाल उठता है कि आखिर प्रधानमंत्री इतने भावुक कैसे हो जाते है ?

गरीब परिवार से ताल्लुख रखते हैं पीएम
एक बात पूरी दुनिया को पता है कि भारत के प्रधानमंत्री बेहद गरीब तबके और परिवार से ताल्लुख रखते हैं। प्रधानमंत्री के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने बचपन के दिनों में गरीबी से लड़ते हुए रेलवे स्टेशन पर पिता दामोदर दास मोदी जी के साथ चाय तक बेची है। उनकी मां हीराबेन पड़ोस के घरों में खाना बनाने से लेकर बर्तन धोने तक का कार्य करती थी। चाय बेचने की बात का पिछले लोकसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा भी बना था और इसका जिक्र नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक कई मौके पर खुद कर चुके हैं।

गरीबी को याद करते कर भावुक हो जाते हैं मोदी
अब देश के सबसे उच्च और प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने के बाद जब  किसी मौके पर उनके परिवार का जिक्र आता है या वो खुद अपने बचपन की गरीबी को याद करते हैं तो भावुक हो जाते हैं। तब पूरा देश उनके साथ अपने को जोड़ने लगता है।

प्रधानमंत्री की भावनाओं पर हमलावर रही है विपक्ष
ऐसे में देश की जनता ने अपनी उम्मीदों को मोदी के साथ जोड़ा और बहुमत से देश का प्रधानमंत्री बना दिया। अब जब भी देश और देशवासियों के अस्मिता की बात आती है या फिर बड़ों के सम्मान की बात आती है तब प्रधानमंत्री के आंखों में आंसू आ जाते हैं। अब प्रधानमंत्री का भावुक होना राजनीति की कड़ी है या फिर देशवासियों में अपना विश्वास बनाए रखने की चाल, विपक्ष भी प्रधानमंत्री की भावनाओं पर हमेशा हमलावर ही रही है।

अबतक कब-कब भावुक हुए हैं प्रधानमंत्री-

1-संसद के सेंट्रल हॉल में आडवाणी को लेकर हुए भावुक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद 20 मई 2014 को संसद के सेंट्रल हॉल में भाजपा सांसदों को संबोधित करते हुए अप्रत्याशित रूप से भावुक हो गए। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का अपने प्रति सम्मान का जिक्र करने पर भावुक हो गए और आडवाणी जी और भाजपा को अपनी मां कहा था।

2-फेसबुक के हॉलटाउन में मां-पिता को याद कर रो दिये थे
पिछले साल 27 सितंबर, 2015 को अमेरिका दौरे के समय प्रधानमंत्री फेसबुक के सीईओ के आमंत्रण पर फेसबुक के टाउनहॉल में कार्यक्रम में शिरकत करने गए। वहां लोगों के साथ बातचीत में में परिवार की स्थिति का जिक्र आते ही प्रधानमंत्री अपने पिता- माता के साथ बिताए बचपन के दिनों को याद करके रो पड़े। मोदी जी के संघर्ष को जानकर हॉल में मौजूद सभी लोगों की भी आंखें नम हो गईं।

3- अपने गुरू के अंतिम दर्शन कर रो पड़े मोदी
15 अगस्त, 2016 को लाल किला से भाषण देकर पीएम मोदी अपने गुरू स्वामी महाराज के अंतिम दर्शन के लिए सीधे अहमदाबाद पहुंचे। इस दौरान स्वामी को श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी लगभग रो ही पड़े और बमुश्किल खुद को संभाला। स्वामी महाराज बोचासणवासी अक्षरपुरुषोत्तम संस्थान (BAPS) के प्रमुख रहे हैं। इस दौरान स्वामी के सम्मान में भाषण के दौरान मोदी भावुक हो उठे। स्वामी को श्रद्धांजलि देने के बाद मोदी भाषण देने आए और उनका गला भर आया। बमुश्किल ही वह खुद को रोक सके। कुछ पलों तक मोदी आंख बंद कर आंसू निकलने से रोकते रहे। कुछ देर तक वह ठहरे रहे और बड़ी मुश्किल से कुछ बोल पाए। 

4- गोवा में जब भावुक हुए प्रधानमंत्री
कालेधन से परेशान देश को छुटकारा दिलाने के लिए मोदी जी ने आठ नवंबर को आधी रात देश में चल रहे 1000 और 500 के नोट को बंद करने का एलान कर दिया। लोगों को एकाएक इस फैसले से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। 13 नवंबर को गोवा में लोगों के आक्रोश और विपक्ष के तेवर से परेशान प्रधानमंत्री अपनी सफाई दी। बोलते हुए मोदी का गला रूंध गया और भर्राए गले उन्होंने कहा कि “देश के लिए हमने घर परिवार सब छोड़ दिया, भारत माता ही मेरी सब कुछ है” ।

भाजपा के संसदीय दल की बैठक में भी भावुक हुए मोदी

इसके साथ ही केदारनाथ स्मृति सभा में भाजपा के संसदीय दल के साथ बैठक में  प्रधानमंत्री एक बार फिर भावुक हुए और उनके पूरे भाषण में गला तीन बार भर्राया। वे देश और इसके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए नोटबंदी के फैसलों को सही बता रहे थे।

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