भूखी गायों की मौत: भाजपा नेता ने गायों को ठिकाने लगाने के लिए खोद रखे थे गड्ढे

भूखी गायों की मौत: भाजपा नेता ने गायों को ठिकाने लगाने के लिए खोद रखे थे गड्ढे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता की गौशाला में भूख से मरी 200 गायों का मामला गर्माने पर शगुन गौशाला के संचालक हरीश वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण कानून और पशु क्रूरता निवारण कानून के अलावा आपराधिक विश्वास भंग का मामला दर्ज हुआ है। हरीश वर्मा भाजपा का नेता और जामुल नगर पालिका का उपाध्यक्ष है। यह गौशाला वह अपनी मां के नाम पर संचालित करता था।

मुख्य बातें-

  1. गौशालाओं के लिए मिलता है अनुदान
  2. इसके बावजूद भूख से मर गईं गाय
  3. गौरक्षा के मुद्दे पर घिरी भाजपा
  4. गौशाला संचालक का आरोप- नहीं मिला अनुदान

गायों की मौत का मामला गर्माने के बाद भाजपा खुद ही गौरक्षा के लपेटे में आ गई थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बदइंतजामी से गायों की मौत पर जांच के आदेश दिए हैं। यह जानकारी उन्होंने शुक्रवार को संवाददाताओं के साथ साझा की। बताया जा रहा है कि गौशाला के लिए 93 लाख का अनुदान मिला था लेकिन फिर भी गायों के लिए चारे का इंतजाम नहीं किया गया।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संचालक ने गोशाला परिसर के आसपास 30-40 गड्ढे खोदकर रखे थे। जहां रातोंरात दर्जनों गायों को दफना दिया गया। ग्राम गोड़मर्रा में गोसेवा आयोग के अधिकारी निरीक्षण के दौरान हैरान रह गए, जहां उन्होंने दो ट्रेक्टर ट्रॉली में गायों के शवों का शव बरामद किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गौशाला में दर्जनों मवेशी भूख-प्यास के कारण मरणासन्न हालत में और तीन मवेशी मृत मिले। गौशाला में और गायों की मौत न हो इसके लिए एहतियातन 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके साथ ही शगुन गौशाला से गायों को निकालकर दूसरी गौशालाओं में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।

पशु चिकित्सकरों के मार्गदर्शन में गायों को बेमेतरा, दुर्ग व बलोद जिले की छह गौशालाओं में रखने की व्यवस्था की गई है। इस मामले पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश पटेल ने दुर्ग ग्रामीण के जिलाध्यक्ष हेमंत बंजारे के नेतृत्व में आठ सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।

Courtesy: nationaldastak.

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