भारत ने मैच जीता लेकिन श्रीलंका के कारपेंटर के इस बेटे ने दिल जीता, जानें- कौन है अकीला धनंजय

भारत ने मैच जीता लेकिन श्रीलंका के कारपेंटर के इस बेटे ने दिल जीता, जानें- कौन है अकीला धनंजय

नई दिल्ली: श्रीलंका के कैंडी के क्रिकेट मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए सीरीज के दूसरे एक दिवसीय मैच को भारत ने दो विकेट से जीत लिया और पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से बढ़त ले ली है. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 236 रन बनाए थे. बारिश की वजह से डकवर्थ लुइस फार्मूला के तहत भारत के सामने 47 ओवरों में 231 रन का लक्ष्य रखा गया था. टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के रूप में शिखर धवन और रोहित शर्मा के बीच 109 रन की साझेदारी हुई. पहले विकेट के रूप में रोहित शर्मा 54 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन रोहित के आउट हो जाने के बाद टीम इंडिया एक के बाद एक विकेट गवांती चली गई.  22 ओवरों के बाद टीम इंडिया का स्कोर सात विकेट पर 131 रन था. ऐसा लग रहा था कि भारत यह मैच हार जाएगा लेकिन महेंद्र सिंह धोनी और भुवनेश्वर कुमार के बीच आठवें विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हुई और भारत ने इस मैच को आठ विकेट से जीत लिया. भुवनेश्वर कुमार 53 रन की नाबाद पारी खेले जबकि धोनी 45 रन पर नॉट आउट रहे.

अकीला धनंजय की शानदार गेंदबाज़ी
श्रीलंका की तरफ से ऑफ ब्रेक गेंदबाज अकीला धनंजय शानदार गेंदबाजी करते हुए टीम इंडिया के छह विकेट लेने में कामयाब रहे. सबसे पहले धनंजय ने रोहित शर्मा को एलबीडब्लू आउट किया. रोहित के आउट हो जाने के बाद टीम इंडिया के विकेट गिरते चले गए. धनंजय अपनी गुगली से विराट कोहली, केदार जाधव और केएल राहुल जैसे बल्लेबाज़ों को चकमा देते हुए आउट करने में कामयाब रहे. सबसे बड़ी बात यह है कि धनंजय ने कोहली, जाधव और राहुल को क्लीन बोल्ड कर दिया. एक ही ओवर में धनंजय तीन विकेट लेने में कामयाब रहे. अपने पांचवे ओवर में धनंजय ने हार्दिक पंड्या को आउट कर दिया फिर अगले ओवर में अक्सर पटेल को आउट करने में कामयाब हुए.  धनंजय ने 10 ओवरों में 54 रन देकर छह विकेट लिए.

एक कारपेंटर का बेटा है अकीला धनंजय
धनंजय का जन्म कोलंबो से 30 किलोमीटर दूर पनडुरा शहर में हुआ. धनंजय के पिता एक कारपेंटर थे. अकीला का बचपन से सपना था कि वह क्रिकेटर बनें लेकिन अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें नहीं लग रहा था कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन सकते हैं. जब गांव में क्रिकेट खेलते थे तब धनंजय सबका दिल जीता लिया करते थे. उनकी शानदार गेंदबाजी को देखते हुए गांव के लोगों को लगता था कि धनंजय को एक दिन श्रीलंका टीम में मौका मिलेगा. स्कूल में शानदार खेल की वजह से धनंजय की हर जगह चर्चा थी. धनंजय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ओवर में वह चार अलग-अलग तरह की गेंद फेंक सकते हैं जिसमें गुगली और ऑफ ब्रेक शामिल हैं.

सीधे स्कूल से श्रीलंका टीम में हुआ चयन
श्रीलंका टीम में चयन से पहले धनंजय ने कोई प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेला था. सीधे स्कूल से उनका श्रीलंका टीम में चयन हो गया. धनंजय के चयन के पीछे जिस खिलाड़ी का हाथ था वे हैं श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्दने. एक बार प्रैक्टिस मैच के दौरान धनंजय की गेंदबाजी देखकर जयवर्दने फिदा हो गए थे. फिर महेला के कहने पर धनंजय को श्रीलंका प्रीमियर लीग में मौका मिला और वहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन भी किया. जयवर्दने की कप्तानी में धनंजय का श्रीलंका की टी 20 टीम में चयन हुआ. धनंजय ने अपना पहला टी 20 मैच 27 सितम्बर 2012 को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला. इस मैच में धनंजय दो विकेट लेने में कामयाब हुए थे. अभी तक पांच टी 20 मैच खेलते हुए धनंजय ने सात विकेट लिए हैं. श्रीलंका की एक दिवसीय टीम में भी धनंजय का चयन हुया. 12 नवंबर 2012 को धनंजय ने अपना पहला एक दिवसीय मैच खेला. धनंजय अभी तक चार एक दिवसीय मैच खेलते हुए 11 विकेट ले चुके हैं.

Courtesy: NDTV

Categories: Sports

Related Articles