भारत ने लद्दाख में सड़क बनाने का फैसला करके अपने ही मुंह पर तमाचा जड़ा: चीन

बीजिंग/नई दिल्ली. डोकलाम विवाद के बीच चीन ने एक बार फिर भारत की आलोचना की है। चीन ने कहा है कि भारत ने लद्दाख में पेंगॉन्ग झील के पास सड़क बनाने का फैसला करके खुद अपने ही मुंह पर तमाचा मारा है, ये वही जगह है, जहां इसी महीने हाल ही में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। बता दें कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम एरिया में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 3 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। बॉर्डर मुद्दे पर भारत की कथनी-करनी में अंतर…
 – न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग ने गुरुवार को यह कमेंट इंडियन मीडिया की उन रिपोर्ट्स के आधार पर किया, जिनमें कहा गया है कि भारत की होम मिनिस्ट्री ने पेंगॉन्ग झील से सिर्फ 20 km दूर एक सड़क बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी है, जिसका एक तिहाई हिस्सा बॉर्डर से भारत की तरफ है और वह एक प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट है। हुआ ने ये भी कहा कि भारत के इस कदम से यह पता चलता है कि बॉर्डर मुद्दे पर वह कहता कुछ है और करता कुछ और है।
– बता दें कि 15 अगस्त के दिन लद्दाख के जिस इलाके में भारत और चीनी सेना के बीच तनाव पैदा हुआ था, वहां भारत ने 32.9 km लंबी सड़क बनाने का फैसला लिया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
भारत के इस कदम से डोकलाम में गतिरोध और बढ़ेगा
– हुआ चुनयिंग ने यह चेतावनी दी कि भारत का यह फैसला सिक्किम में सड़क बनाने को लेकर जून में भारत के साथ पैदा हुए तनाव को और ज्यादा बढ़ावा देगा, क्योंकि डोकलाम पठार में भारतीय सैनिकों ने चीन को सड़क बनाने से रोक दिया था।
– हुआ ने कहा कि डोकलाम चीनी क्षेत्र का हिस्सा है, पर भारत, भूटान के साथ है जो क्षेत्र पर अपना दावा करता है। उन्होंने कहा कि चीन की सड़क बनाने की योजना पर भारत गहरी नजर रखे हुए है, जबकि वह खुद भी सड़क बना रहा है, इससे भारत की नीतियों में साफतौर पर विरोधाभास दिखाई देता है।
क्या है डोकलाम विवाद?
– डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
– इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।
भारत की क्या है चिंता?
– नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा। लिहाजा भारत ने डोकलाम से अपनी सेनाएं बिना शर्त वापस बुलाने की चीन की मांग ठुकरा दी है।
Courtesy: Bhaskar.com
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