जम्मू में 70 साल के बुजुर्ग को गौरक्षकों ने बेरहमी से पीटा, कबतक PM मोदी हिंसा को होते देखते रहेंगे ?

जम्मू में 70 साल के बुजुर्ग को गौरक्षकों ने बेरहमी से पीटा, कबतक PM मोदी हिंसा को होते देखते रहेंगे ?

गौरक्षा की आड़ में हत्यारी भीड़ ने अपना काम जारी रखा हुआ है। कुछ तस्वीरें जम्मू के राजौरी की सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। बताया जा रहा है की लाल हुसैन नाम के शख्स पर भीड़ ने हमला कर दिया।

शक था की वो गाय की तस्करी करता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में 70 वर्षीय बुजर्ग को इतना मारा गया की उसके सर से लेकर पैर तक खूने खून हो गए। पीट पर डंडों से मारे जाने के निशान सारी कहानी बयान कर रहे थे। जैसा की हर बार देखा गया की भीड़ ने कैसे शक के बिना पर अखलाक , पहलू खान और जुनैद की की किस बरबर्ता से हत्या की तस्वीरें बयान कर रही है की फर्जी गो रक्षकों ने कितनी बेरहमी से मारा होगा जो बेहद दुखी करने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात में कल ही कहा था की आस्था के नाम पर हिंसा बर्दास्त नहीं की जाएगी मगर क्या ये भीड़ इतनी पागल हो चुकी है की अपने देश प्रधानमंत्री की बातें सुनने को राज़ी नहीं हो रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2010 से 2017 के 25 जून के बीच गौरक्षा के नाम पर हिंसा की कुल 63 घटनाएं हुईं और 28 लोगों की जान गयी।

जान गंवानेवालों में सबसे ज्यादा (86 प्रतिशत) अल्पसंख्यक समुदाय के लोग थे। एक चिंताजनक तथ्य यह भी है कि गाय की रक्षा के नाम पर होनेवाली सर्वाधिक हत्याएं (97 प्रतिशत) 2014 की मई यानी मोदी सरकार के शासन में आने के बाद हुई हैं। गौरक्षा के नाम पर बढ़ती हत्याओं से जुड़ा मुख्य सवाल यह नहीं है कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्तर पर इसकी कितनी कड़ी भर्त्सना की जाती है।

Courtesy: boltahindustan

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