गौरी लंकेश की मौत पर राजनेताओं का गुस्सा, बोले- न्यू इंडिया में जो नही होंगे सहमत वो मारे जाएंगे ?

गौरी लंकेश की मौत पर राजनेताओं का गुस्सा, बोले- न्यू इंडिया में जो नही होंगे सहमत वो मारे जाएंगे ?

बेंगलुरू मे पत्रकारिता की बेबाक आवाज़ को मार दिया गया।

बेंगलुरू में पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

बेबाक और निडर पत्रकारिता करने वाली जिंदादिल गौरी शंकर की जान कट्टरता ने ली ली।

गौरी लंकेश को घर में घुसकर गोलियां मार दी गई। इस मौत के बाद पूरे देश में गु्स्से का मानो सैलाब आ गया।
पत्रकार सहित राजनेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घोर निंदा की

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा कि, सच्चाई कभी भी चुप नहीं होगी गौरी लंकेश हमारे दिल में रहती हैं मेरी संवेदना और उसके परिवार से प्यार। अपराधियों को दंडित किया जाए।


राहुल गांधी के बाद आप संयोजक दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गौरी लंकेश की हत्या को कायरता करार दिया। उन्होंने लिखा कि, मैं हैरान हूं

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी गुस्सा जाहिर किया।
“बेंगलुरु में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर दुखी सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बहुत खतरनाक हम न्याय चाहते हैं”

राजद प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गौरी लंकेश की हत्या पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि,
प्रसिद्ध पत्रकार और संघी विचारधारा की आलोचना #गौरीलंकेष करने वाली पत्रकार को न्यू इंडिया में मार दिया गया। असहमति के लिए भयानक समय है।

इसके अलावा सीपीआई एम के नेता सीताराम और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया सहित तमाम लोगों ने गौरी लंकेश की हत्या की निंदा की।

आपको बता दें कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद अभी तक उनकी हत्या करने वाले न उनकी हत्या के पीछे की वजहों को पुलिस खोज पाई है।
लेकिन उनकी पत्रकारिता करने के अंदाज और सोशल मीडिया पर बेबाकी काफी कुछ बयान कर रही है।
पत्रकार गौरी लंकेश धार्मिक कट्टरता के खिलाफ थी। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों की मुखालफत किया करती थी।
4 सितंबर को उन्होंने एक स्टेटस शेयर किया जिसमें लिखा “RSS is the terrorist organization”
काफी लोग गौरी लंकेश के मौत के कारणों में इस तरह के संगठनों के नाम का जिक्र कर रहे हैं।
लेकिन फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
गौरी लंकेश को दो गोलियां पेट में और एक गोली सिर में लगी है।
आपको बता दें कि, गौरी लंकेश लगातार धार्मिक संकीर्णता सत्ता विरोधी ख़बरें लिख रही थी।

Courtesy: boltahindustan

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