मोदी सरकार में भुखमरी सूचकांक दोगुनी बढ़ी, 2008 से 2014 तक के सुधार पर फेर दिया पानी

मोदी सरकार में भुखमरी सूचकांक दोगुनी बढ़ी, 2008 से 2014 तक के सुधार पर फेर दिया पानी

वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत की स्थिति दयनीय होती जा रही है। 2008 से 2014 तक हालत जितनी सुधरी थी तथाकथित विकास की सरकार आने के बाद हालात बदतर हो गए।

2014 में मोदी की सरकार आने के दौरान भुखमरी के मामले में 17.8 पॉइंट के साथ भारत 55वें स्थान पर था(120) देशों में । मगर 2016 में भुखमरी से जुड़े सूचकांकों में वृद्धि होते हुए यह 28.5 होगया, जिससे भारत 97वें स्थान पर पहुँच गया(118 देशों में)।

गौरतलब है कि रैंक भुखमरी के मानकों के आधार पर बनाई जाती है, जिसमें निवारण और सुधार करने पर रैंक कम की जाती है।

EPW में छपी न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार , बच्चों को पर्याप्त पोषण न दे पाना सबसे बड़ी नाकामी है, जिसकी वजह से हालात और बिगड़ रहे हैं।

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