हरियाणा में आंतरिक सर्वे करवा बीजेपी-आरएसएस ने जाना वोटर्स का मूड, परिणाम से हुई निराशा

हरियाणा की बीजेपी सरकार के खिलाफ आम लोगों का क्या मूड है इसका पता बीजेपी और आरएसएस को शायद लग चुका है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी और आरएसएस ने हरियाणा की सभी विधान सभा सीटों और लोक सभा सीटों के लिए एक सर्वे करा रही है और अभी तक मिले नतीजे संगठन के लिए संतोषजनक नहीं रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार अभी तक हरियाणा मे दो सर्वे हो चुके हैं। अखबार ने दावा किया है कि इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) से भी इस बाबत रिपोर्ट ली जा रही है। हरियाणा की कुल 90 विधान सभा सीटों में से फिलहाल 47 पर बीजेपी का कब्जा है। वहीं राज्य की 10 लोक सभा सीटों में से सात पर बीजेपी काबिज है।

 

हरियाणा में साल 2014 में विधान सभा चुनाव हुए थे। राज्य में पहली बार बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायी थी। मनोहर लाल खट्टर को राज्य का सीएम बनाया गया। लेकन सत्ता खट्टर को रास नहीं आयी। उनके पहले तीन साल में हरियाणा तीन बार बड़े विवाद का शिकार हुआ। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा और बलात्कार, संत रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान हिंसा और हत्या और गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी पाए जाने के बाद हुई हिंसा, लूटपाट और हत्या को लेकर खट्टर सरकार विपक्ष की आलोचना के निशाने पर रही है। लेकिन सीएम खट्टर ने हर बार इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जनता का मिजाज भांपते हुए बीजेपी आधे सांसदों को टिकट काटकर नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है। विधान सभा चुनाव में भी पार्टी यही तरीका आजमा सकती है। खबर है कि बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी अगला आम चुनाव समय से पहले पूरा करने पर भी विचार कर रहे हैं। मौजूदा लोक सभा का कार्यकाल मई 2019 में पूरा हो रहा है। संविधान विशेषज्ञों के अनुसार लोक सभा चुनाव कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले तक कराए जा सकते हैं। खबर है कि पीएम मोदी ने इस बारे में संविधान विशेषज्ञों की राय ली है। पीएम मोदी कई मौकों पर देश में लोक सभा और विधान सभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत कर चुके हैं। साल 2018 में कई राज्यों में विधान सभा होने वाले हैं। अगर मोदी सरकार समय से पहले चुनाव करवाती है तो इन राज्यों के चुनाव आगामी आम चुनाव के साथ हो सकते हैं।

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