सहारनपुर हिंसा: तीन महीने बाद ठाकुर समुदाय के तीन आरोपियों पर लगाई गई रासुका

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। सहारनपुर के बरगांव इलाके में ठाकुरों के द्वारा दलितों पर हुए अत्याचार के मामले में तीन महीने बाद पुलिस ने ठाकुर समुदाय के तीन आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लागू किया है। ये 4 जून से सहारनपुर जिला जेल में बंद हैं। हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हो गए थे। इसके अलावा सरकारी संपत्तियों नुकसान भी इन घटनाओं में हुआ था। राज्य सरकार की ओर से एक विशेष राजनीतिक दल का गठन किया गया है जो मामले की जांच कर रहा है।

अंबेहता चंद गांव के निवासी सोमपाल उर्फ सोनू (25), सुधीर (28) और विलास उर्फ राजू (24) पर एक दलित युवक की हत्या और 13 लोगों को घायल करने के आरोप हैं। मृतक की पहचान सरसावा के निवासी आशीष मेघराज के रूप में हुई थी।

 

सहारनपुर जिला जेल के अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने कहा, जिला मजिस्ट्रेट से आदेश मिलने के बाद मैने जिला जेल में एनएसए नोटिस जारी किया है। तीनों को 23 मई को हमले और हत्या के मामले में आरोपी हैं।

एसएचओ ने कहा कि अदालत में पहले ही आरोपपत्र दायर किया जा चुका है। सुधीर पर दो मामले चल रहे हैं जिसमें हिंसा और हत्या समेत तीन मामले शामिल हैं। विलास हत्या के मामले में आरोपी हैं।

सहारनपुर के एसएसपी बबलू कुमार ने कहा, जेल में अन्य अभियुक्तों के खिलाफ भी जल्द ही एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लागू करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।

 

बता दें कि पांच मई महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर ठाकुर समुदाय के लोग दलित बस्ती से शोर-शराबे के साथ निकल रहे थे। दलित समुदाय के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो ठाकुर समुदाय के लोग हिंसक हो गए थे। जिसके दलित बस्ती के साठ घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। जिसके विरोध में भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से 9 मई को विरोध प्रदर्शन किया गया तो ठाकुर समुदाय के लोगों ने फिर हमला कर दिया। इसके बाद 23 मई को मायावती पीड़ित परिवारों के बीच शब्बीरपुर पहुंचीं। जिसके बाद ठाकुर समुदाय के लोगों ने फिर हमला किया।

 

Courtesy: nationaldastak.

Categories: Regional