UP में योगी सरकार के 6 महीने पूरे, लोग बोले- “काम के ना धाम के, 6 महीने सिर्फ़ आराम के”

UP में योगी सरकार के 6 महीने पूरे, लोग बोले- “काम के ना धाम के, 6 महीने सिर्फ़ आराम के”

19 सितम्बर को योगी आदित्यनाथ सरकार के 6 महीने पूरे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा समर्थित योगी सरकार को अपार बहुमत देकर सत्ता पर बैठाया लेकिन क्या मुख्यमंत्री योगी ने भी जनता के दिए बहुमत के बदले उन्हें उतना काम करके दिखाया ?

योगी सरकार के 6 महीने पूरे होने पर बोलता हिंदुस्तान यूपी सरकार का अवलोकन कर रहा है।

योगी के 6 महीने के कार्यकाल को अगर “शोककाल” कहा जाए तो इसपर सटीक बैठेगा, क्योंकि गोरखपुर, फर्रुखाबाद के अस्पतालों में जिस तरह से मासूम बच्चों की मौतें हुई हैं।

हैरानी तब होती है जब सरकार इन घटनाओं पर अभी तक जवाबदेही तय नहीं कर सकी है।

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में अबतक एक हज़ार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है और इस घटना की ज़िम्मेदारी एवं निदान की बजाय प्रशासन से लेकर सरकार एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

गौरतलब है कि बीआरडी अस्पताल में अगस्त महीने के शुरूआत में मौतें ओक्सीजन की कमी की वजह सी हुईं। साफ़ है इसमें प्रशासन की गलती सामने आई थी। लेकिन योगी सरकार इससे अपना पलड़ा झाड़ती रही है।

सोमवार को ANI ने सरकार के 6 महीने पूरे होने पर सीएम योगी से सवाल किया तो उन्होंने अपनी उपलब्धि बताने के बजाय पिछली सपा सरकार पर ही हमला बोल दिया उन्होंने कहा “पिछली सरकार ने विकास पर रोक लगाया, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया”। आपको बता दें कि अखिलेश सरकार पर बेकाबू कानून का आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में 19 मार्च से लेकर 9 मई तक सूबे में कुल 729 हत्याएं, 803 बलात्कार, 60 डकैती, 799 लूट, और 2682 अपरहण की घटनाएं हुईं। बता दें यह जानकारी खुद संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में दी थी।

ऐसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली छात्राओं को मनचलों से बचाने के लिए रोमियो स्क्वॉड का गठन किया। रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से छात्रओं को तो कम बचाया गया, बल्की इसकी वज़ह से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोमियो स्क्वॉड के दौरान पुलिस द्वारा लोगों से वसूली करने की बात भी सामने आई थी।

विकास की बात करने वाले योगी आदित्यनाथ ने चुनावी घोषणापत्र में ऐलान किया था कि ‘पॉवर फॉर ऑल‘ स्कीम के तहत जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाएगी। लेकिन पूर्वांचल से लेकर पश्चमी उत्तर प्रदेश तक बिजली की भारी कटौती हो रही है। जिससे धान की बुवाई करने वाले किसान परेशान हैं और पानी की कमी की वज़ह से उनकी धान की फसल खराब हो रही है।

कुल मिलाकर अभी तक के योगी कार्यकाल में बिजली नहीं आ रही है, कानून व्यवस्था ख़राब है, शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यूपी की सड़कों के गड्ढे भरने के मामले में सरकार की किरकरी हो चुकी है। गोरखपुर घटना के सन्दर्भ में स्वास्थ्य व्यवस्था पर योगी सरकार पहले ही कुछ बोलने की स्तिथि में नहीं है। यही विभाग है जो सरकार और जनता को सीधे तौर पर जोड़ते हैं, लेकिन योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की जनता को निराश किया है।

आशीष यादव ने कहा कि कुल मिलाकर योगी आदित्यनाथ के ये 6 महीने का कार्यकाल “काम के ना धाम के, 6 महीने सिर्फ़ आराम के”।

Courtesy: boltahindustan

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