मोदी की योजनाओं में किसानों के साथ क्रूर मजाक, 1342 रुपये प्रीमियम, 17 रुपये मुआवजा

मोदी की योजनाओं में किसानों के साथ क्रूर मजाक, 1342 रुपये प्रीमियम, 17 रुपये मुआवजा

नई दिल्ली। पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश के सीहोर आए थे। यहां उन्होंने फसल बीमा के नाम पर बड़ा ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि अगर एक भी किसान को नुकसान हुआ तो उसे भी मुआवजा मिलेगा।

पीएम ने फसल बीमा योजना को संकटमोचक बताते हुए कहा था कि यह स्कीम किसानों की सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा था कि इस स्कीम में अगर फसल बोने के बाद बारिश होती है और वह बर्बाद होता है, तो भी मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा था कि जो लोग मोदी को किसान विरोधी बताते हैं, वे भी इस योजना की आलोचना का साहस नहीं कर सके।

इस ऐलान के बाद किसान खुश हुए बीमा खरीदा, प्रीमियम भरा, लेकिन नतीजा तिलाड़िया के उत्तम सिंह के दो एकड़ के खेत में सोयाबीन की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। मुआवज़े में उन्हें मिले 17.46 रुपये, प्रीमियम भरा था 1342 रुपये का।

 

इसमें कोई दोराय नहीं कि पीएम मोदी की अधिकतम योजनाएं फ्लॉप रही हैं। हालांकि इनके प्रचार के लिए खुद मोदी पहुंचते हैं लेकिन नतीजा सिफर निकलने पर बीजेपी जवाब देने के बजाय कांग्रेस के 70 साल को दोष देने में लग जाती है।

किसानों का हितैषी बताने वाली यूपी की भाजपा सरकार में भी अन्नदाताओं के साथ कर्जमाफी के नाम पर मजाक किया जा रहा है। वहां योगी सरकार किसी किसान का एक पैसा माफ कर रही है तो किसी का दस रुपया।

 

वहीं एक किसान बादामी लाल को 4.70 रुपए बीमा दावे के तौर पर मिले। सीहोर जिला के तिलारिया और रेहटी क्षेत्र के 168 किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाने की वजह से 9863 रुपये की बीमा राहत दी गई है। सबसे अमीर नीला बाई रहीं जिन्हें 194 रुपए 24 पैसे मिले हैं।

 

Courtesy: nationaldastak.

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