यस बैंक ने 2500 लोगों की छंटनी,बैंक ने कहा`डिजिटाइजेशन`की वजह से अब ज्यादा लोगों की जरूरत नहीं बची है

एक भारतीय कैसे डिजिटल भारत की उम्मीद करता है? शायद जवाब में होगा, जो काम आसानी और सुविधापूर्ण तरीके से हो जाये।मगर ऐसा डिजिटल भारत की कोई उम्मीद नहीं करेगा की नौकरी ही चली जाये और वो देश बदल रहा है का नारा लगता रहे। ऐसा कुछ हुआ है बैंकिंग सेक्टर में जहां एचडीएफसी बैंक के बाद अब एक और प्राइवेट सेक्टर बैंक यस बैंक ने 2500 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। छंटनी मुख्य कारण था डिजिटाइजेशन

मामला इस लिए भी गंभीर है क्योकिं जीडीपी की लगातार गिरावट,बेरोजगारों की बढ़ती कतारें इसका जवाब सरकार के पास फिलहाल तो नज़र नहीं आता। मार्च के अंत में HDFC बैंक ने करीब 11 हज़ार लोगों को थैंक यू कहकर रोड पर ला दिया था। अब रही सही कमी यस बैंक ने 25 सौ लोगों को निकल कर दी।

बिजनेस न्यूजपेपर के अनुसार ने बैंक का कहना है कि डिजिटाइजेशन के चलते सिस्टम में अब ज्यादा लोगों की जरूरत नहीं बची है। इसके अलावा कुछ लोगों की परफॉर्मेंस बेहद खराब रही है।

बैंक इसके पीछे और भी कई बहाने दे रहा है जैसे नॉर्मल अप्रेजल के तहत हम हर साल सबसे खराब परफॉर्म करने वाले एंप्लॉयीज की पहचान करते हैं। साथ ही ये भी कहता है कि हमने जो कदम उठाया है, ये दूसरे प्राइवेट सेक्टर बैंकों की तरह ही है।मगर जो मुख्य वजह रही है वो थी डिजिटाइजेशन।

नोटबंदी की जिस अंधी दौड़ में जनता को दौड़ाया गया वो अब खतरनाक होती देखी जा सकती है।क्योकिं कई लोगों अब डिजिटल की तरफ भाग रहे है। जो कुछ हद सही भी है मगर इससे रोजगार ही ख़त्म होने  लग जाये बैंक का ये गणित किसी के लिए भी समझ से बाहर की बात है। फिलहाल भारतीय बैंकिंग उद्योग में सालाना अट्रिशन रेट (नौकरी छोड़ने की दर) 16-22 फीसदी जो काफी चिंताजनक है।

Courtesy: boltahindustan

Categories: India

Related Articles