जब BHU में हजारों बेटियाँ सड़कों पर थी तब PM मोदी वाराणसी में बेटियों को छोड़ ‘गाय’ को दुलार रहे थे !

इनदिनों बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी काफी चर्चा का विषय बन चुकी है। बेटियां शोहदों से परेशान है रोजाना छेड़छाड़ और अश्लील फब्तियाँ आम होने लगी थी।

बीते तीन पहले जब मामला बर्दाश्त से बाहर हो गया तो हॉस्टल से बाहर आकर विरोध प्रदर्शन करने बैठ गई। न शासन और न प्रशासन किसी ने बेटियों का साथ नहीं दिया।

बल्कि बीती रात लाठियां मारकर जबरन प्रदर्शन से उठा दिया गया। बेटियां सुरक्षा मांग रही थी लेकिन सरकार ने सुरक्षा पर एक न सुनी और उल्टा बेटियों को सजा सुना दी।

प्रधानमंत्री मोदी को साल 2014 में गंगा मां ने बुलाया था लेकिन जब बेटियां बुला रही थी तब उन्होंने रास्ता बदल दिया।

दरअसल बीते दो दिन तक पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी दौरे पर थे। तभी बेटियां सुरक्षा मांग रही थी।

हजारों की संख्या में करीब-करीब 72 घंटे सड़कों पर बैठी बेटियों को पीएम मोदी ने ऩजरअंदाज कर दिया। बीएचयू पहुंचे तो रास्ता बदल दिया।

लेकिन सोशल मीडिया पर दो तस्वीर काफी वायरल हो रही है। जिस दिन हजारों बेटियाँ सड़कों पर सुरक्षा की गुहार लगा रही थी। उस दिन पीएम मोदी बेटियों की फिक्र छोड़ गौशाला में गायों को दुलार कर रहे थे।

हालांकि इस देश में गायें वोट देने लगी हैं। गाय पर राजनीति करके आसानी से वोट पाया जा सकता है।

बेटियां मायने नहीं रखती हैँ। न किसान औऱ न गरीब सिर्फ जिससे वोट मिले वह मायने रखता है।

सोशल मीडिया पर लोग इसी तरह से लिख रहे हैं। गायों को दुलार करते प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर है जिसमें वह गायों को प्यार कर रहे हैं उन्हें दुलार रहे हैँ औऱ चारा भी खिला रहे हैं।

लेकिन चंद कदमों की दूरी पर बैठी बेटियां जो उनके स्लोगन के मुताबिक सिर्फ सुरक्षा मांग रही हैँ। शोहदों,गुंडों की अश्लीलता से बचने का रास्ता मांग रही हैं। वह ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है।

आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी गए थे लेकिन उन्होंने बीएचयू जाकर भी छात्राओं को अनदेखा कर दिया। इतना ही नहीं आपत्तिजनक बयान देते वायस चांसलर को भी तलब नहीं किया।

 

Courtesy: boltahindustan

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