डोकलाम में विवाद वाली जगह के क़रीब एक हज़ार चीनी सैनिक अभी भी मौजूद हैं

डोकलाम में विवाद वाली जगह के क़रीब एक हज़ार चीनी सैनिक अभी भी मौजूद हैं

अगस्त के आखिर में भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद सुलझने के बाद अब ख़बर आ रही है कि सिक्किम सीमा से कुछ सौ मीटर दूर क़रीब एक हज़ार चीनी सैनिक अभी भी मौजूद हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत को फिर से उसी जगह पर किसी विवाद की आशंका नहीं है. 28 अगस्त को दावा किया गया था कि दोनों देशों ने अपनी सेनाएं विवादित इलाक़े से पीछे हटा ली हैं.

अगस्त में यह विवाद ख़त्म होने के बाद चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने इलाक़े में अपना संख्याबल कम कर लिया था. लेकिन सूत्रों के मुताबिक उसकी एक बटालियन इस पहाड़ी इलाक़े में बनी रही. डोकलाम में जिस जगह भारत और चीन की सेनाएं एक-दूसरे के सामने थीं, उससे क़रीब 800 मीटर दूर ही यह बटालियन मौजूद है. गुरुवार को एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ ने भी चीनी सैनिकों के चुंबी घाटी में होने की बात मानी थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ चीन ने इलाक़े से अपने तंबू नहीं हटाए हैं और इनके आसपास अस्थायी निर्माण भी चल रहा है. वहां बुलडोज़र जैसी मशीनें अब भी मौजूद हैं.

वहीं, भारतीय सेना पीएलए की गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए है. पांच सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन के बाद भारतीय सैनिकों को वापस अपनी पोस्टों पर लौटने को कहा गया था. हालांकि तब से भारत ने इलाके में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है. चीन से सटे सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर सैन्यबल के जल्द पहुंचने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं. हेलिपैडों का निर्माण किया गया है और मौसम के चलते जिन सीमाई पोस्टों से संपर्क टूटा था उनकी समीक्षा की गई है. विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण भी शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के सीमा क्षेत्रों का दौरा करने वाली हैं.

उधर, टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के मुताबिक़ चीन डोकलाम की विवादित जगह से 10 किलोमीटर दूर एक नई सड़क का निर्माण कर रहा है. यह इलाक़ा भूटान में आता है. भारत ने अभी तक इस पर कोई आपत्ति नहीं की है. ऐसा इसलिए कि यह जगह सेना के लिहाज़ से संवेदनशील नहीं है. एक सूत्र ने अख़बार को बताया कि चीन डोकलाम में सड़क निर्माण के लिए जो उपकरण लाया था उन्हें वह इस इलाक़े में कुछ साल पहले बनाई गई एक सड़क को सुधारने में इस्तेमाल कर रहा है.

Courtesy: Satygrah

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