3 साल की मोदी सरकार में सिर्फ अमित शाह के बेटे का ‘विकास’ हुआ, 16,000 गुना बढ़ी संपत्ति

3 साल की मोदी सरकार में सिर्फ अमित शाह के बेटे का ‘विकास’ हुआ, 16,000 गुना बढ़ी संपत्ति

ये कौनसा और कैसा व्यवसाय है जिसमें 7 करोड़ कमाने वाली कंपनी 15 करोड़ का लोन देती है और 50 हज़ार कमाने वाली कंपनी एक साल में ही 80 करोड़ कमा लेती है। अमित शाह को जल्द ही ये व्यवसाय देश की जनता को बताना चाहिएअगर पूरा देश इस तेज़ी से तरक्की करेगा तो कुछ ही महीनों में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगें|

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमितशाह की कंपनी के आय बढ़ने का मामला उलझता ही जा रहा है। जिस कंपनी ने शाह के बेटे की कंपनी टेम्पल इन्टरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को 15.78 करोड़ का लोन दिया उसका खुद का टर्नओवर सात करोड़ था।

‘द वायर’ के मुताबिक जय की कंपनी के टर्नओवर में उछाल की वजह 15.78 करोड़ रुपये का अनसेक्योर्ड लोन है, जो राजेश खंडवाल की KIFS फिनांशियल सर्विसेज फर्म ने दिया था। लेकिन हैरत की बात ये है कि लोन देनेवाली KIFS फिनांशियल सर्विसेज ने जिस साल जय की कंपनी को लोन दिया उस साल उसकी कुल आय ही 7 करोड़ रुपये थी।

बता दें कि राजेश खंडवाल भाजपा के राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टॉप एग्जिक्यूटिव परिमल नथवानी के समधी हैं।

इसके अलावा आरओसी के दस्तावेज से यह सामने आई है कि KIFS फिनांशियल सर्विसेज की एनुअल रिपोर्ट में टेम्पल इन्टरप्राइजेज को दिए गए 15.78 रुपये के अनसेक्योर्ड लोन का कोई ज़िक्र नहीं है। मतलब कंपनी ये लोन छुपाना चा रही थी।

तो अब सवाल ये है कि 7 करोड़ कमाने वाली कंपनी 15 करोड़ का लोन कैसे दे सकती है? वो भी एक ऐसी कंपनी को साल में 50 हज़ार कमा रही है। अगर उसने ये लोन दे भी दिया तो ऐसी क्या मजबूरी थी की उसे वो लोन छुपाना पड़ा? क्या लोन के रूप में दिया गया पैसा कलाधन था?

Courtesy: boltahindustan.

Categories: India

Related Articles