डीजल के बढ़ते दाम, जीएसटी की दरों के कारण 2 दिन के हड़ताल पर भारतीय ट्रांसपोर्ट, नहीं चलेगी 93 लाख ट्रक, 50 लाख बसें

डीजल के बढ़ते दाम, जीएसटी की दरों के कारण 2 दिन के हड़ताल पर भारतीय ट्रांसपोर्ट, नहीं चलेगी 93 लाख ट्रक, 50 लाख बसें

दिवाली सर पर है ऐसे में ट्रक परिचालकों की दो दिन की हड़ताल कर देना भारी पड़ सकता है।

ट्रक परिचालकों ने साफ़ कर दिया है उनकी मांगें अगर नहीं मानी गयी तो वो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगें। जीएसटी, बढ़ते डीज़ल दाम और सड़क पर जगह पैसे देने की मज़बूरी ने आखिरकार ट्रक चालकों हड़ताल करने पर मजबूर कर दिया है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष एस के मित्तल का कहना है कि हम सरकारी अधिकारीयों के सुस्त सिस्टम, जीएसटी की नसमझी और डीजल के बढ़ते दामों से तंग आकर 9 और 10 अक्टूबर को चक्का जाम करने का फैसला किया है।

ट्रक परिचालकों की मांग है अगर वो पुराना ट्रक बेचना चाहते है वो उन्हें 28 फीसदी टैक्स देना पड़ता है, सरकार इसे खत्म करे और साथ ही डीजल के दाम में कम से कम  20 रुपये प्रति लीटर तक कटौती की जाए।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के चेयरमैन कुलतारण सिंह अटवाल की माने तो ट्रांसपोर्ट का 70% हिस्सा डीजल पर खर्च होता है।

गौरतलब है कि10 अक्टूबर को शाम 8 बजे हड़ताल खत्म होगी. इस वजह से लगभग 80 लाख ट्रक नदारद रह सकते हैं। सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में डीजल की कीमतें नहीं घटाईं है। सारी मांगों में सबसे अहम मांग ये भी है इसकी कीमत में 20 रुपये प्रति लीटर तक कटौती की जाए।

बता दें कि देशभर के पेट्रोल पंप मालिकों ने भी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. बताया जा रहा है कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पेट्रोल पंप मालिक 13 अक्टूबर को हड़ताल पर रहेंगे। 13 अक्टूबर को देशभर के 54000 पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।

Courtesy: boltahindustan.

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