बिना कर्ज लिए ही 1.80 लाख का कर्जदार हो गया किसान!

बिना कर्ज लिए ही 1.80 लाख का कर्जदार हो गया किसान!

छत्‍तीसगढ़ में गरियाबंद जिले की देवभोग तहसील के सितलीजोर गांव का किसान इंदरराम साहू बिना कर्ज लिए ही उरमाल को-ऑपरेटिव सोसायटी में एक लाख 80 हजार का डिफॉल्‍टर कर्जदार हो गया है. किसान का कहना है कि वह इतना पैसा कैसे पटा पाएगा. वह आत्‍महत्‍या कर लेगा.

कृषक इंदरराम साहू उरमाल सोसायटी से वर्ष 2009 से लेन-देन कर रहा है. वह हर बार खाद-बीज के लिए लोन लेता है और उसे पटाकर नया लोन लेता है. उसका कहना है कि वह मात्र 20 या 25 हजार रुपए का कर्ज लेता है और उसे समय पर चुका देता है. इस सत्र में जब वह लोन के लिए सोसायटी गया तो उसके होश उड़ गए. वर्तमान व्‍यवस्थापक ने जब उसे बताया कि उस पर ब्याज सहित एक लाख अस्सी हजार रुपए का कर्ज बकाया है और वह डिफॉल्‍टर हो चुका है, तो कृषक इंदर के पैरों तले जमीन खिसक गई.

खाते में लोन की इतनी बड़ी रकम बकाया होने की बात सुनकर उसे पटाने की चिंता में अब किसान की तबीयत भी खराब होने लगी है. उसका कहना है कि वह एक गरीब किसान है. वह इतनी रकम नहीं पटा पाएगा. मजबूर होकर उसे आत्‍महत्‍या करना पड़ेगी.

इंदर साहू ने सोसायटी के तत्‍कालीन व्‍यवस्‍थापक और भृत्‍य पर आरोप लगाया कि उन दोनों ने मेरे पट्टे से लोन निकाला है, क्योंकि उन्‍होंने मेरी जमीन का पट्टा और पासबुक अपने पास रख लिए थे. जब मैंने पट्टा और पासबुक मांगी तो उन्‍होंने गुम जाने का हवाला दिया था. इतना ही नहीं, वर्ष 2012-13 में उसके खाते से 481 पैकेट धान बेचना बताया गया है, जबकि उसने इतना धान कभी बेचा ही नहीं.

इस पूरे मामले में उरमाल सहकारी समिति के वर्तमान व्‍यवस्‍थापक जीवन श्रीवास ने कहा की पूर्व में पदस्थ व्‍यवस्‍थापक और किसान को बुलाकर फाइल देखना पड़ेगी. किसान ने सहायक पंजीयक गरियाबंद से भी शिकायत की है. अब देखना होगा कि किसान इंदर साहू को सोसायटी राहत देती है या फिर उसे बकाया लोन राशि पटाना ही पड़ेगी.
 Courtesy: News18

 

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