GSTR-3B में लेट फाइलिंग पर जुर्माना माफ, टैक्सपेयर्स को मिलेगा रिफंड

GSTR-3B में लेट फाइलिंग पर जुर्माना माफ, टैक्सपेयर्स को मिलेगा रिफंड

नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने GSTR-3B फाइलिंग के संबंध में करदाताओं को बड़ी राहत दे दी है। वित्त मंत्री ने अगस्त और सितंबर के लिए GSTR-3B फाइलिंग पर लेट फीस को माफ कर दिया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक जिन करदाताओं ने अगस्त और सितंबर महीने के दौरान जीएसटीआर 3B फाइलिंग में जुर्माना दिया है उन्हें उनके जुर्माने का रिफंड दे दिया जाएगा।

वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली आज शाम 4 बजे कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।

क्या है जीएसटीआर-3बी फार्म: जीएसटीआर-3बी एक पेज का संक्षिप्त रिटर्न फार्म है। इसके जरिये सभी रजिस्टर्ड करदाता खुद टैक्स का एसेसमेंट (स्वत: आंकलन) करते हैं। इस फार्म में खरीद-बिक्री का लेखा-जोखा रहता है। इसके अलावा उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट, कितना टैक्स चुकाया, इसका भी लेखा-जोखा रहता है।

जीएसटीआर 3बी लाने का उद्देश्य यह है कि सभी पंजीकृत व्यापारी स्वत: मूल्याकन करके अपने जीएसटी का भुगतान कर दें। यदि कोई पंजीकृत व्यक्ति जुलाई का जीएसटीआर 3बी नहीं भरता है तो वह अपने अगले माह के रिटर्न भी नहीं भर सकेगा। इसलिए जीएसटीआर 3बी भरना सभी कारोबारियों के लिए अनिवार्य है।

कब लगता है जुर्माना: जीएसटीआईर-3बी फाइलिंग में देरी करने पर प्रति दिन 200 रुपए के हिसाब से जुर्माना लगता है। इसे तकनीकी भाषा में फीस कहा जाता है यानि अगर 200 रुपए की फीस हुई तो इसमें से 100 रुपए सीजीएसटी और 100 रुपए एसजीएसटी होगा। वहीं अगर आप 10 दिन की देरी करते हैं तो आपको 100 रुपए की फीस देनी होगी।

क्या होगा फैसले का असर: इस फैसले का असर साफ तौर पर करदाताओं पर दिखाई देगा। यानी अगर किसी करदाता ने देरी के कारण 2000 रुपए की फीस अदा कर दी है तो उसके इलेक्ट्रॉनिक लेजर में यह राशि 1000 रुपए सीजीएसटी और 1000 रुपए एसजीएसटी में दिखने लगेगी और यह राशि करदाता के अगले रिटर्न में एडजस्ट कर दी जाएगी।

Courtesy:dainik jagran

Categories: Finance
Tags: arun jatley, GST

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