एटीएम नहीं PayTm करो कहने वाली सरकार फिर लूटने की तैयारी में, डिजिटल लेनदेन में लगाएगी चार्ज

एटीएम नहीं PayTm करो कहने वाली सरकार फिर लूटने की तैयारी में, डिजिटल लेनदेन में लगाएगी चार्ज

पेट्रोल-डीजल सीएनजी के बाद अब मोदी सरकार ऑनलाइन पेमेंट पर सर्विस चार्ज लगाने की तैयारी में है। नोटबंदी में जिस डिजिटल लेनदेन का ढिंढोरा पीटा गया अब वही डिजिटल पेमेंट महंगा होने जा रहा है।

वित्तीय सेवा विभाग आईटी मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर ऐसे प्रपोजल को तैयार कर रहे हैं। ऐसा होने पर ऑनलाइन पेमेंट पर ‘सिक्यॉरिटी फी’ भी देना होगा जो फिलहाल नहीं देना पड़ता है।

दरअसल मोदी सरकार अब ऑनलाइन भुगतान पर सिक्यॉरिटी फी मतलब सेस स्वच्छ भारत सेस जैसा ही होगा जिसका उपयोग डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए होगा।

डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि देश डिजिटल पेमेंट्स सिक्यॉरिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए डिजिटल सेस लगा फंड तैयार करना सही तरीका नहीं है।

क्योकिं डिजिटल पेमेंट करने वाला कस्टमर पहले से कई तरह के चार्ज दे रहा है उसपर से ये सेस लगा देना डिजिटल पेमेंट से कस्टमर को दूर ही करेगा।

फ़िलहाल डिजिटल पेमेंट करने वाले इन चार्जेज से होकर पेमेंट करते है जैसे कन्वीनियेंस फी, ट्रांजेक्शन चार्जेस, प्लास्टिक कार्ड की कीमत, सालाना जॉइंनिंग फी और मर्चेंट फीस ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस पर लगाई जाती है।

नोटबंदी के वक़्त डिजिटल पेमेंट का जो दौर चला था उसके बाद लोगों को ज्यादा चार्ज देने से बचने के लिए कॅश देना ज्यादा देना पसंद करेंगे। मसलन मान लीजिये की किसी ने 500 रुपये का पेट्रोल डलवाया तो उसे अगर डिजिटल पेमेंट करना चाहे डेबिट/क्रेडिट कार्ड से या भीम या paytm से तो आपको 500 रुपये से ऊपर पैसा देना होगा।

क्योकिं सरकार अभी तक इसपर विचार कर रही इसलिए चार्जेज की दरों का अनुमान नहीं लगाया जा सकता मगर जब सेस लगेगा तो डिजिटल भुगतान में कमी आ सकती है। जिससे कॅश का चलन फिर से बढ़ जायेगा।

Courtesy: boltahindustan

Categories: India