राष्ट्रगान पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- सिनेमाघरों में ‘देशभक्ति’ साबित करने की कोई ज़रूरत नहीं

राष्ट्रगान पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- सिनेमाघरों में ‘देशभक्ति’ साबित करने की कोई ज़रूरत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने एक साल पहले फैसला सुनाया था कि अब से सारे सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना ज़रूरी है। साथ ही इसके सम्मान करने की बात भी कही गई थी।

एक साल बाद कोर्ट के इस फैसले पर फिर नया मोड़ आ गया है। कोर्ट ने कहा कि ये मुद्दा कार्यपालिका के कार्यक्षेत्र में आता है। सरकार नीति बनाकर फ्लैग कोड में बदलाव करने पर विचार कर सकती है।

श्याम नारायण चौकसे की याचिका में कहा गया था कि किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए राष्ट्रगान के चलन पर रोक लगाई जानी चाहिए, और एंटरटेनमेंट शो में ड्रामा क्रिएट करने के लिए राष्ट्रगान को इस्तेमाल न किया जाए। याचिका में यह भी कहा गया था कि एक बार शुरू होने पर राष्ट्रगान को अंत तक गाया जाना चाहिए, और बीच में बंद नहीं किया जाना चाहिए।

इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ तौर पर गेंद अब सरकार के पाले में डाल दी है। कोर्ट ने कहा कि हर काम कोर्ट पर नहीं थोपा जा सकता है। ऐसे में सरकार को ये तय करना है कि सिनेमाघरों व अन्य स्थानों पर राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आगे कहा कि जब कोई भी शख्स फिल्म देखने जाता है तो जाहिर से बात है वो मनोरजन के लिए गया है। ऐसे में किसी की देशभक्ति पर सवाल करना कही से उचित नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले की नोटिफिकेशन या नियम का मामला संसद का है। ये काम कोर्ट पर क्यों थोपा जाए। सुप्रीम कोर्ट 9 जनवरी को मामले में अगली सुनवाई करेगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश लागू रहेगा जिसमें सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य है।

जब फिल्म देखकर निकले तो सब भारतीय हो- अटॉर्नी जनरल 

वही सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल ने जवाब देते हुए कहा कि बिलकुल ये काम ये केंद्र सरकार के अधिकारक्षेत्र का है और केंद्र पर इसे छोड़ दिया जाए। आगे उन्होंने ये भी कहा जिस देश में अनेक जाति,धर्म,बोली हो उस देश में जब लोग फिल्म देखकर निकले तो वो सब भारतीय होंगें।

बता दे कि बीते 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान, यानी ‘जन गण मन’ से जुड़े एक अहम आदेश में कहा था कि देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि राष्ट्रगान बजते समय सिनेमाहॉल के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा, सिनेमाघर में मौजूद सभी लोगों को राष्ट्रगान के सम्मान में खड़ा होना होगा।

Courtesy: boltahindustan

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