योगीराज : भ्रष्टाचार पर एडीजी ने उठाई आवाज़ तो कर दिया ट्रान्सफर, दिया सन्देश-खाओ और खाने दो

योगीराज : भ्रष्टाचार पर एडीजी ने उठाई आवाज़ तो कर दिया ट्रान्सफर, दिया सन्देश-खाओ और खाने दो

भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का दावा करके ही बीजेपी सत्ता में आई थी। लेकिन इस बात की हकीकत कुछ और ही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में भ्रष्टाचार को शह देने का एक मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले एक अफसर का ट्रांसफर कर दिया गया है।

होमगार्ड विभाग में एडीजी रहे जसवीर सिंह ने विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर होमगार्ड के कमांटेंट जनरल डॉ. सूर्य कुमार को एक पत्र लिखा था। उस पत्र में उन्होंने बताया था कि विभाग में किस हद तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है और इस पर रोक लगाने को लेकर एफआरआई दर्ज कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी। यह पत्र उन्होंने इसी साल 20 सितंबर को लिखा था।

एडीजी रहे जसवीर सिंह के इस पत्र के बाद विभाग में हलचल मच गई। पत्र मिलने के बाद विभागीय अफसर जसवीर का तबादला कराने के लिए एकसाथ आ गए। जिसके कारण एक महीने के अंदर ही उनको सरकार ने होमगार्ड से हटाकर रूल्स एवं मैनुअल में एडीजी बना दिया।

जसवीर ने विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर पहले भी कई पत्र लिखे थे। उन्होंने लिखा था कि, कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार अनुशासनहीनता भ्रष्टाचार और मनमानी के बारे में 7 सितंबर, 15 और 19 सितंबर को भी विभाग के आला अधिकारियों को कई पत्र लिखे गए लेकिन इस मामले को लेकर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीजी होमगार्ड की मौजूदगी में हुई अनुशासनहीनता की बात को याद दिलाते हुए लिखा थी कि आपके सामने सारी बात होने के बाद भी इस मसले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और ना ही किसी तरह का कोई नोटिस दिया गया।

उन्होंने डीजी को लिखे पत्र में बताया कि किस तरह कुछ अधिकारी नियम नजरअंदाज करके बिना आदेश किसी को भी सरकारी गाड़ियां दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ गया है कि मुख्यालय के वाहन चालक कुछ अधिकारियों के परिवारों के निजी वाहन चला रहे हैं। जसवीर ने बताया कि किस तरह उन्हें विभागीय राज्य मंत्री अनिल राजभर का नाम लेकर तबादले कराने की धमकी मिल रही थी।

Courtesy: boltahindustan

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