इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर देखें फ़िल्मी सितारों संग उनकी दुर्लभ तस्वीर, जानें उनका सिनेमा कनेक्शन

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर देखें फ़िल्मी सितारों संग उनकी दुर्लभ तस्वीर, जानें उनका सिनेमा कनेक्शन

मुंबई। 31 अक्टूबर भारतीय इतिहास की ऐसी तारीख है जिसने इस देश से उसका एक लोकप्रिय प्रधानमंत्री छीन लिया था। इसी दिन भारत की भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी। इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर इन तस्वीरों संग आइये जानते हैं उनका बॉलीवुड कनेक्शन!

इस पहली तस्वीर को ज़रा गौर से देखकर अंदाजा लगाइये कि आप इनमें से कितने फ़िल्म स्टार्स को पहचानते हैं? आप देख सकते हैं इस तस्वीर में इंदिरा जी बीच में कुर्सी पर बैठी हुई हैं। ठीक उनके लेफ्ट में आप सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर को देख सकते हैं।

 

ऊपर की तस्वीर में लता मंगेशकर के अलावा नीचे ज़मीन पर इंदिरा जी के राइट में राज कपूर और दिलीप कुमार आसानी से पहचान में आ रहे हैं और लेफ्ट में बैठे मनोज कुमार भी। इनके अलावा धर्मेंद्र, विनोद खन्ना, फ़िरोज़ ख़ान के साथ-साथ अभिनेत्रियों में शर्मिला टैगोर, सायरा बानो आदि भी आसानी से पहचानी जा सकती हैं। कहना गलत न होगा कि उस समय के तमाम दिग्गज बॉलीवुड एक्टर्स, एक्ट्रेस, डायरेक्टर्स, सिंगर्स आदि इंदिरा जी के साथ इस फ्रेम में देखे जा सकते हैं। इंदिरा गांधी के लिए इन स्टार्स के मन के भाव को सिर्फ इस एक तस्वीर से समझा जा सकता है। बता दें कि यह तस्वीर राज बब्बर ने अपने सोशल साइट्स पर शेयर की थी जो कि बहुत ही वाइरल भी हुई! गौरतलब है कि राज बब्बर फ़िल्मों के बाद अब राजनीति के मैदान में भी एक्टिव हैं।

इंदिरा गांधी का परिवार अमिताभ बच्चन के भी काफी करीब रहा है। बाद में बोफोर्स घोटाले में जब अमिताभ बच्चन का नाम आया तो दोनों परिवार में थोड़ी दूरियां आ गयीं और राजीव गांधी की मौत के बाद तो इनका रिश्ता औपचारिक भी न रह सका। लेकिन,जब-तक इंदिरा गांधी ज़िंदा थीं तब-तक अमिताभ बच्चन उनके प्रिय थे। अमिताभ के पिता और कवि हरिवंश राय बच्चन भी इंदिरा समेत उनके पिता और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भी करीबी थे। इंदिरा गांधी के निधन के समय राजीव गांधी के कांधे की तरह बच्चन उनके साथ दिखे!

‘रुस्तम-ए-हिंद’ का खिताब जीत चुके दारा सिंह काफी लोकप्रिय थे। इंदिरा गांधी के साथ दारा सिंह की ये फोटो देखकर उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश में जब इमरजेंसी लगा दी तब कई फ़िल्मों के प्रसारण पर रोक लग गयी थी। उनमें से एक फ़िल्म ‘राज करेगा खालसा’ भी थी। दारा सिंह इस फ़िल्म के लेखक और निर्माता थे। अपने पहले ही प्रोजेक्ट में दारा सिंह को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। आखिरकार 1976 में फ़िल्म को सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी दे दी और फ़िल्म रिलीज़ हुई! यह फ़िल्म हिट साबित हुई थी जिसमें राजेश खन्ना, नीतू सिंह, नवीन निसकोल और योगिता बाली ने मुख्य भूमिका निभायी थी!

इंदिरा गांधी ने जब देश में इमरजेंसी लगाई तब का एक मशहूर किस्सा और भी है। गुलज़ार के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘आंधी’ जिसमें संजीव कुमार और सुचित्रा सेन मुख्य भूमिका में थे, 1975 की इमरजेंसी के वक्त इंदिरा गांधी ने पूरी तरह से फ़िल्म को बैन कर दिया। उन्हें डर था कि यह फ़िल्म बहुत कुछ ऐसा दिखा सकती है जो उनके हित में नहीं होगा। बता दें कि फ़िल्म के कुछ पोस्टरों पर यहां तक छपा था कि अपने प्रधानमंत्री की असली कहानी पर्दे पर देखिए। इंदिरा ने अपने स्टाफ को फ़िल्म देखकर यह डिसाइड करने का ऑर्डर दिया था कि फ़िल्म रिलीज़ होनी चाहिए या नहीं? हालांकि, उन्होंने खुद यह फ़िल्म कभी नहीं देखी। इसके बाद 1975 की इमरजेंसी में इंदिरा ने फ़िल्म बैन कर दी। बाद में जनता पार्टी की सरकार आने के बाद यह बैन हटाया गया।

एक और फ़िल्म है ‘किस्सा कु्र्सी का’। यह फ़िल्म भी रिलीज़ से पहले बहुत विवादित रही। फ़िल्म में संजय गांधी और इंदिरा गांधी का खूब मज़ाक उड़ाया गया था। सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म को 1975 की इमरजेंसी के कारण लटका दी। बाद में सेंसर बोर्ड ने इसे केंद्र सरकार के हवाले कर दिया। केंद्र ने फ़िल्म पर 51 आपत्तियां जताई थीं। फ़िल्म में शबाना आज़मी, राज बब्बर, रेहाना सुल्तान, सुरेखा सीकरी, मनोहर सिंह और उत्पल दत्त ने बेहतरीन काम किया था।

एक और अहम बात यह कि नेशनल फ़िल्म अवार्ड हर साल बेस्ट फर्स्ट फ़िल्म डायरेक्टर को जो अवार्ड देता है उसका नाम इंदिरा गांधी के नाम पर ही रखा गया है। साल 1980 से लगातार यह अवार्ड दिया जा रहा है जिसमें एक ‘स्वर्ण कमल’ के साथ सवा लाख रुपये विजेता को दिए जाते हैं। अभी तक यह अवार्ड 41 डायरेक्टर्स को मिल चुके हैं!

 

गौरतलब है कि फ़िल्म डिविज़न ने साल 1968 में ‘इंदिरा गांधी प्राइम मिनिस्टर ऑफ़ इंडिया’ नाम से अंग्रेजी में एक वृतचित्र भी बनाई है। इसके डायरेक्टर हैं एन वी के मूर्ति। यह वृत्तचित्र प्रधानमंत्री इंदिरा के संपूर्ण व्यक्तित्व से दर्शकों को परिचित कराती है। हाल में भी जब मधुर भंडारकर की फ़िल्म ‘इंदु सरकार’ रिलीज़ हुई तब एक बार फिर सिनेमा के गलियारों में इंदिरा गांधी का नाम गूंजा। बहरहाल, यह कहना गलत न होगा कि इंदिरा गांधी देश की एक ऐसी लीडर रही हैं जिनका गहरा असर सिनेमा और सिनेमा से जुड़े लोगों पर रहा है!

Courtesy: Jagran.com

Categories: Entertainment

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