मोदी सरकार के मंत्री ने जताई रोजगार पर चिंता, कहा-भावी पीढ़ी माफ नहीं करेगी

मोदी सरकार के मंत्री ने जताई रोजगार पर चिंता, कहा-भावी पीढ़ी माफ नहीं करेगी

पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार जहां लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके देने का दावा कर रही है. वहीं विपक्ष उनपर नोटबंदी की वजह से छंटनी का माहौल पैदा करने का लगातार आरोप लगा रहा है. विपक्ष के अनुसार नोटबंदी की वजह से रोजगार की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है. वहीं अब मोदी सरकार में श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने रोजगार के वर्तमान हालातों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि‍ यदि हम रोजगार सृजन के कदम उठाने में असफल रहे तो ‘‘भावी पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी.’’ उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है और प्रत्येक युवा को रोजगार चाहिये.

केन्द्रीय श्रम मंत्रालय के अनुसार गंगवार ने कहा कि उनका मंत्रालय खुद सीधे तौर पर रोजगार सृजन नहीं करता है बल्कि नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिये उपयुक्त माहौल बनाता है. गंगवार ने कहा, ‘‘यदि रोजगार सृजन की दिशा में तुरंत आवश्यक कदम नहीं उठाये गये तो आने वाली पीढियां हमें माफ नहीं करेंगी.’’ गंगवार आज नोएडा स्थित वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान में रोजगार सृजन रणनीति पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन के मामले में सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है. गंगवार ने अपने संबोधन में नोटबंदी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पिछले एक साल के दौरान कई बेहतर परिणाम सामने आये हैं. सरकार ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी.

 

गंगवार ने इस दौरान वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान के चार प्रकाशनों को भी जारी किया और संस्थान के मरम्मत के बाद नये तैयार किये गये सेमीनार ब्लॉक का भी उद्घाटन किया.

 

सम्मेलन में श्रम सचिव एम सत्यवती ने कहा कि हर साल एक करोड़ युवा रोजगार चाहने वालों की दौड़ में शामिल हो जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य की बात है कि आज बाजार में नौकरी पाने के लिये कई युवाओं के पास जरूरी कौशल नहीं होता है. सरकार इस कमी को पूरा करने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हाल में करीब 1.17 करोड़ युवाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल में प्रशिक्षित किया गया और इन युवाओं को उद्योगों और संस्थानों में रोजगार दिलाने के लिये 920 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया.’ सचिव ने महिला कर्मचारियों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिये जाने संबंधी महत्वपूर्ण विधेयक के बारे में कहा कि कई नियोक्ता वेतन सहित 26 सप्ताह के अवकाश को देने के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों को इस मुद्दे का समाधान बताना चाहिए.

Courtesy: aajtak

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