गुजरात चुनाव में इस्तेमाल होने वाली 15% EVM मशीन पहले से खराब, हेरफेर की आशंका बढ़ी

गुजरात चुनाव में इस्तेमाल होने वाली 15% EVM मशीन पहले से खराब, हेरफेर की आशंका बढ़ी

चुनाव आयोग ने दावा किया था कि गुजरात चुनाव में सभी बूथों पर ईवीएम और वीवीपीएटी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए चुनाव आयोग ने एक्स्ट्रा समय भी लिया था इसके बावजूद इस्तेमाल होने वाले कुल 70,000 ईवीएम का 15% पहले से खराब है।

एक गुजराती अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक गुजरात चुनाव में इस्तेमाल होने वाली 70,000 ईवीएम में से 15% यानी 10,500 मशीनें पहले से खराब हैं।

बता दें कि एक ईवीएम में कुल 3840 वोट दर्ज होती हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बड़ी संख्या में वोटों की गड़बड़ी हो सकती है।

इस मामले में जिला अधिकारियों का कहना है कि जैसे ईवीएम मिले हैं उसी से काम चलाया जाए। हैरानी वाली बात है जिस गुजरात मॉडल की तारीफ करते पीएम मोदी आज तक नहीं थके वहां के अधिकारियों का रवैया इतना खराब है।

चुनाव में एक एक वोट कीमती होता है, कोई एक वोट भी निर्णायक साबित हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि चुनाव आयोग जनता के मत से क्यों खिलवाड़ कर रही है?

गुजरात चुनाव में इस्तेमाल होने वाले कई वीवीपीएटी में पहले ही गड़बड़ी सामने आ चुकी है। कुछ दिन पहले ही गुजरात के जामनगर, देवभूमि द्वारका और पाटन जिले में इस्तेमाल होने वाले 3550 वीवीपीएटी (वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों को खराब पाया गया था।

बता दें कि गुजरात चुनाव मे कुल 70,182 वीवीपीएटी मशीनें इस्तेमाल किया जाना है। गुजरात चुनाव की तारीखों ऐलान के बाद से कई जगहों से वीवीपीएटी में गड़बड़ी की खबरें आ रही हैं।

 

Courtesy: boltahindustan

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