थोक मुद्रास्फीति छह माह के उच्च स्तर 3.59% पर, सब्जियां हुईं महंगी

थोक मुद्रास्फीति छह माह के उच्च स्तर 3.59% पर, सब्जियां हुईं महंगी
नई दिल्ली
प्याज, दूसरी सब्जियों सहित खाने-पीने के सामान के दाम बढ़ने से अक्टूबर माह में थोक मुद्रास्फीति 3.59% पर पहुंच गई। यह इसका पिछले छह माह का उच्च स्तर है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति इससे पिछले महीने सितंबर में 2.60% पर थी। एक साल पहले अक्टूबर में थोक मुद्रास्फीति 1.27% रही थी। बहरहाल, अक्टूबर 2017 की मुद्रास्फीति इस साल अप्रैल के बाद सबसे ऊंची है। अप्रैल में यह 3.85% दर्ज की गई थी। 

मंगलवार को थोक मूल्य सूचकांक के जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति अक्टूबर माह में दोगुने से भी अधिक होकर 4.30% पर पहुंच गई। सब्जियों के मामले में मुद्रास्फीति सितंबर के 15.48 प्रतिशत से बढ़कर अक्टूबर में 36.61% तक चढ़ गई। जहां तक प्याज की बात है, अक्टूबर में प्याज के दाम में एक साल पहले के मुकाबले 127.04 प्रतिशत की वृद्धि रही। अंडा, मीट और मछली के दाम 5.76 प्रतिशत ऊंचे रहे।

हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादों में मंहगाई मामूली रूप से घटकर 2.62% रह गई जो कि सितंबर में 2.72% थी। एनर्जी और पावर सेक्शन में अक्टूबर में मुद्रास्फीति बढ़कर 10.52% हो गई। ईंधन मुद्रास्फीति पिछले तीन माह से लगातार ऊंची बनी हुई है। विश्व बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद पेट्रोल, डीजल के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं। घरेलू उत्पादन घटने से बिजली शुल्क भी उच्च स्तर पर बने हुए हैं।

इसके विपरीत दाल-दलहन के दाम में गिरावट का दौर जारी है। दलहन में 31.05% की गिरावट रही। आलू के दाम 44.29% घट गए जबकि गेहूं 1.99% नीचे रहा। अगस्त माह के लिये डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति का अंतिम आंकड़ा 3.24% पर पूर्ववत रहा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के सोमवार को जारी आंकड़ों में अक्टूबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति भी सात माह के उच्चस्तर 3.58% पर रही।

Courtesy: NBT
Categories: Finance

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