अब रोज कैसे खाएं, चिकन से भी महंगा बिक रहा है अंडा

अब रोज कैसे खाएं, चिकन से भी महंगा बिक रहा है अंडा

5 रुपये में बिकने वाले अंडे पर भी अब महंगाई का चाबुक चला है। दिल्ली एनसीआर में अंडा अब 7 से 8 रुपये बिक रहा है। गुलाबी सर्दी की दस्तक और नवंबर आने के साथ ही अंडे की कीमतों में भारी इजाफा रिकॉर्ड किया गया है। अंड़े की कीमतें अब चिकन के दाम से होड़ लगा रही है। अगर थोड़ा गणित लगाएं तो आपको अंडे और चिकन की कीमतें लगभग बराबर ही मालूम पड़ेंगी। देश में अंडों की सप्लाई पुणे, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से होती है। पुणे में इस वक्त थोक में 100 अंडे की कीमत 585 रुपये है। इसमें माल की ढुलाई का किराया जोड़ देने पर प्रत्येक अंडे की कीमत 6.5 से 7.5 हो जाती है। अगर एक अंडे का औसत वजन 55 ग्राम लगाया जाए तो एक किलो अंडे की कीमत 120 से 135 रुपये हो जाती है। पुणे में इस वक्त कटा हुआ मुर्गा 130-150 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। दिल्ली में चिकन की कीमत 180-190 रुपये प्रति किलो है। दिल्ली में स्टाल लगाकर अंडा बेचने वाले लोगों का कहना है कि उनके मुनाफे में कोई इजाफा नहीं हुआ है, बल्कि कीमतें बढ़ने से ही वे महंगे अंडे बेच रहे हैं।

पिछले 6 महीने में 100 अंडे की थोक कीमतें 375 रुपये से बढ़कर 585 रुपये हो गई है। जबकि मुर्गियों की कीमतों में कमी आई है और ये 90 रुपये प्रतिकिलो से घटकर 60 रुपये प्रति किलो रह गई हैं। तमिलनाडु के इरोड में अंडे और चिकन के बिजनेस से जुड़े एक व्यापारी ने कहा कि सर्दियों में अंडे की कीमतें बढ़ जाती है जबकि मुर्गियों की कीमतें घटती हैं क्योंकि इस दौरान मुर्गियां जल्दी बढ़ती है, लेकिन अंडे के दाम में इस तरह की उछाल हमने नहीं देखी थी।’ नेशनल एग कॉर्डिनेशन कमेटी (NECC) के कार्यकारी सदस्य राजू भोसले ने कहा कि अंडे के भाव बढ़ने की वजह मांग में 15 फीसदी का इजाफा है। उन्होंने कहा कि सब्जियां महंगी होने की वजह से भी लोगों ने ज्यादा अंडे खाना शुरू कर दिया है।

NECC के मैसूर ज़ोन के चेयरमैन एमपी सतीश बाबू ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु में सूखे का भी असर अंडे के दाम पर पड़ा है। सतीश बाबू के मुताबिक सूखे की वजह से मक्के की कीमते रिकॉर्ड 1900 प्रति क्विटंल के स्तर पर चली गईं। बता दें कि मक्का पोल्ट्री उत्पादन का मुख्य फैक्टर है। इसका इस्तेमाल मुर्गियों के भोजन के रूप में किया जाता है। सतीश बाबू के मुताबिक मक्के की कीमत बढ़ने से किसानों ने वक्त से पहले ही मुर्गियों को बेचना शुरू कर दिया इसकी वजह से अंडे का प्रोड्क्शन कम हो गया, और इसका असर कीमतों पर पड़ा। पोल्ट्री बिजनेस पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि अंडे की कीमतें सामान्य होने में अभी कुछ हफ्तों का समय लग सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि तब तक चिकन का ही आनंद लिया जाए।

Courtesy: jansatta

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