दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी का शिक्षा रिकार्ड सार्वजनिक हो

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी का शिक्षा रिकार्ड सार्वजनिक हो

दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सीबीएसई से कहा कि अगर उसने आरटीआई आवेदक मोहम्मद नौशादुद्दीन को केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की शिक्षा से संबंधित सूचना नहीं दी, तो वह केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश पर स्टे का लाभ लंबे समय तक नहीं उठा सकता।

बता दें, कि सीआईसी ने 17 जनवरी के आदेश में आवेदक को ईरानी के स्कूल रिकॉर्ड की जांच की अनुमति दे दी थी और सीबीएसई के इस तर्क को खारिज कर दिया था कि नौशादुद्दीन द्वारा मांगी गई सूचना निजी है।

सीबीएसई ने 17 जनवरी के सीआईसी के आदेश को ये कहते हुए चुनौती दी थी कि ईरानी के स्कूल रिकॉर्ड का खुलासा सूचना के अधिकार कानून के तहत नहीं हो सकता, क्योंकि यह तीसरे पक्ष की सूचना है जो किसी ज़िम्मेदार पक्ष के हवाले है।

सीआईसी ने कहा था कि जब किसी जन प्रतिनिधि ने अपनी शैक्षणिक योग्यता की घोषणा की है तो फिर उस घोषणा की जांच करने का अधिकार मतदाता के पास है।

अदालत ने आरटीआई आवेदक मोहम्मद नौशादुद्दीन को नया नोटिस जारी किया और सीबीएसई को निर्देश दिया कि ये सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें जानकारी मिले और ऐसा नहीं होने पर इस वर्ष 21 फरवरी को दिया गया अंतरिम आदेश खारिज हो जाएगा।

अदालत ने सीबीएसई से कहा, केवल स्टे पर कायम रहना पर्याप्त नहीं है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 फरवरी तय की गई।

 

Courtesy: boltahindustan

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