युवराज सिंह लेंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, क्या ये है बड़ी वजह?

युवराज सिंह लेंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, क्या ये है बड़ी वजह?

नई दिल्ली, 38 साल के आशीष नेहरा के बाद बीसीसीआइ जल्द ही 36 साल के होने वाले डैशिंग क्रिकेटर युवराज सिंह को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई देना चाहता है। हालांकि युवराज अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। युवराज इस समय बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अभ्यास कर रहे हैं और उनका मकसद यो-यो टेस्ट पास करके टीम इंडिया में वापसी करना है।

सूत्रों के अनुसार बीसीसीआइ की तरफ से युवी तक संदेश पहुंचाया गया था कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में वह अपना विदाई मैच खेल सकते हैं, क्योंकि इसका दूसरा मैच उनके घरेलू मैदान मोहाली में होना है। हालांकि बायें हाथ के इस दिग्गज क्रिकेटर के करीबी ने दैनिक जागरण से साफ-साफ कहा कि युवी संन्यास कब लेंगे यह वह खुद तय करेंगे। बीसीसीआइ यह कैसे तय कर सकता है। युवी चार सप्ताह से एनसीए में यो-यो टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं। नवंबर के आखिरी में यह टेस्ट होना है। उनका उद्देश्य इसे पास करके टीम में जगह बनाना है। हालांकि बीसीसीआइ के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को प्रशासकों की समिति (सीओए) के साथ बैठक के पहले इस बात पर सवाल उठाए थे कि युवराज रणजी खेलने की जगह एनसीए में अभ्यास क्यों कर रहे हैं। कुल मिलाकर युवी के भविष्य को लेकर बीसीसीआइ और इस क्रिकेटर के बीच रस्साकशी चल रही है। टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रही है। इसके बाद वनडे सीरीज होनी है।

दस दिसंबर को धर्मशाला में पहला और 13 को मोहाली में दूसरा वनडे होगा। मोहाली का आइएस बिंद्रा स्टेडियम युवराज का घरेलू मैदान है। मैच के एक दिन पहले ही युवी का जन्मदिन है और इस दिन वह 36 साल के हो जाएंगे। भारतीय टीम प्रबंधन को लगता है कि युवी अब भविष्य की टीम इंडिया की योजना का हिस्सा नहीं हैं। उनका 2019 में इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप तक टीम का हिस्सा बना रहना बेहद मुश्किल है। हालांकि युवी के करीबी का कहना है कि वह 2019 विश्व कप तक खेलने के लिए ही सबकुछ छोड़कर एनसीए में पसीना बहा रहे हैं।

कई क्रिकेटरों को नहीं मिला विदाई मैच : 104 टेस्ट व 251 वनडे खेलने वाले वीरेंद्र सहवाग सहित कई बड़े क्रिकेटरों को विदाई मैच खेलने को नहीं मिला। 100 से ज्यादा टेस्ट व 200 से ज्यादा वनडे खेलने वाले हरभजन सिंह और गौतम गंभीर को भी यह मौका मिलने की संभावना कम ही है। नेहरा और युवराज के विराट से अच्छे संबंध रहे हैं। यही कारण है कि 17 टेस्ट और 120 वनडे खेलने वाले नेहरा को हाल ही में अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में विदाई मैच खेलने का मौका मिला। युवी और कोहली के बीच भी अच्छी दोस्ती है। कप्तान अपने दूसरे दोस्त को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उम्दा विदाई देना चाहते हैं।

जून में खेला था युवी ने अंतिम मैच : 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 खेलने वाले युवी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इस साल 30 जून को नॉर्थ साउंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्हें टीम में नहीं चुना गया। इसके पीछे कारण यो-यो टेस्ट में फेल होना बताया गया। उनकी इसी साल जनवरी में चार साल बाद वनडे टीम में इंग्लैंड के खिलाफ वापसी हुई थी। उन्होंने अपने चयन को सही साबित करते हुए तीन मैचों में एक शतक की मदद से 210 रन बनाए थे लेकिन इसके बाद हुई चैंपियंस ट्रॉफी में वह पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक पारी खेलने के अलावा कुछ खास नहीं कर पाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी वनडे सीरीज के तीन मैचों में भी उन्होंने 04, 14 और 39 रन का स्कोर किया था।

Courtesy: Jagran.com

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