यूपी में जमकर बिक रहे बलात्‍कार के वीडियो, जितनी चीखें, उतने ज्‍यादा दाम

यूपी में जमकर बिक रहे बलात्‍कार के वीडियो, जितनी चीखें, उतने ज्‍यादा दाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए मशहूर नाका हिंडोला मार्केट में एक ऐसा बिजनेस धड़ल्ले से हो रहा है जिसे जानकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। ग्रे मार्केट के नाम से जाना जाने वाला यह मार्केट अब रेप के वीडियो बेचने के लिए मशहूर हो रहा है। इस मार्केट में रेप के वीडियो को ‘लोकल फिल्म’ के नाम से बेचा जा रहा है और यह सब पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से हो रहा है। रेप के वीडियो, यहां सबसे ज्यादा बिकने वाली चीज बन चुके हैं। डेक्कन क्रोनिकल के मुताबिक इन वीडियो को ब्लैंक कवर में या फिर पेन ड्राइव के जरिए बेचा जाता है और ये केवल पहचान के लोगों को ही दिया जाता है।

रेप के वीडियो अब केवल पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने का जरिया नहीं रह गए हैं, बल्कि अब यह एक अच्छा व्यवसाय भी बन गए हैं। ये गुप्त व्यवसाय पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिस मार्केट में यह व्यवसाय फल-फूल रहा है वहां से नाका हिंडोला पुलिस स्टेशन मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। सूत्रों का कहना है कि बिना रुकावट के यह व्यवसाय चलता रहे इसके लिए पुलिस को मोटी रकम अदा की जाती है।

रेप के वीडियो बेचने का काम करने वाले राकेश (बदला हुआ नाम) का कहना है, ‘पायरेटेड फिल्मों का जमाना अब बीत चुका है और अब रेप के वीडियो की मांग बढ़ गई है। बालात्कार के वीडियो अब काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। इन वीडियो का ड्यूरेशन 10 से 30 मिनट होता है और ये 300 से 500 रुपए के बीच बेचे जाते हैं। इनकी कीमत वीडियो की क्वालिटी पर निर्भर करती है।’ राकेश ने बताया, ‘कई तरह के एजेंट रेप वीडियो उपलब्ध कराते हैं। हमारे आदमी इन वीडियो को 2000 से 5000 रुपए में खरीदते हैं और बाद में हम इन वीडियो को क्लीन करते हैं फिर मार्केट में इन्हें बेचा जाता है। क्लीन करने का मतलब रेपिस्ट के चेहरे को ब्लर किया जाता है, लेकिन पीड़िता के चेहरे को नहीं। वो वीडियो जिनमें आवाज (ऑडियो ट्रैक) होती हैं, ज्यादा महंगे बिकते हैं और इनकी मांग भी ज्यादा है।’ राकेश का कहना है कि दिन भर में करीब 100 से 200 लोकल फिल्में बेची जाती हैं।

डेक्कन क्रोनिकल के मुताबिक इन वीडियो की मांग अब इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि यूपी से लगे राज्य मध्य प्रदेश और बिहार के खरीददार भी इन्हें खरीदने आते हैं। लोकल फिल्म का व्यवसाय करने वाले लोगों का कहना है कि इन वीडियो को सबसे ज्यादा लड़के और छात्रों द्वारा खरीदा जाता है और राजनीतिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले लोग भी लोकल फिल्मों को खरीदते हैं।

Courtesy: .jansatta

Categories: Crime