राहुल गांधी के आक्रामक अंदाज से घबरा गए पीएम मोदी, बीजेपी को सता रहा हार का डर

राहुल गांधी के आक्रामक अंदाज से घबरा गए पीएम मोदी, बीजेपी को सता रहा हार का डर

अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक दलों की तैयारियां जोरों पर है। इस चुनाव में मुख्य टक्कर पिछले 22 वर्षों से सत्ता पर आसीन बीजेपी और सत्ता की तलाश में मौका ढूढ़ रही कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। लेकिन इस बार गुजरात में कांग्रेस की रणनीति देखकर लग रहा है कि कांग्रेस इस बार बीजेपी को गहरा आघात पहुंचा सकती है। इस बात का अंदाजा बीजेपी में फैले हार के डर और कांग्रेस की बढती लोकप्रियता को देखकर लगाया जा रहा है।

दरअसल, पिछले कई दिनों से गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में एक हताशा देखने को मिल रही है। यह हताशा केवल बीजेपी के स्थानीय नेताओं में ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों में भी नजर आ रही है। पीएम मोदी के बयानों में यह साफ़ नजर आ रहा है कि गुजरात चुनाव के नतीजों को लेकर वह पूरी तरह से आश्वत नहीं है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष जिस तरह से बीजेपी को घेर रही है, उससे पीएम मोदी बुरी तरह से डरे भी नजर आ आ रहे हैं। उन्होंने अपने एक बयान में यह साफ़ कह भी दिया है कि उनके फैसलों से उन्हें राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

 

पीएम मोदी की हताशा उनके उन बयानों में भी साफ़ नजर आ रही है जिसमें वे पुराने मुद्दों को उठाकर जनता को भावनात्मक रूप से बीजेपी से जोड़ना चाहते हैं। अभी तक पीएम मोदी अपने ज्यादातर भाषणों में सरदार पटेल और नेहरु परिवार का मुद्दा उठाते नजर आए हैं। जिससे प्रतीत हो रहा है कि इस चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी के खिलाफ कोई त्वरित मुद्दा नहीं है।

बीते दिन मोरबी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर दिया गया बयान भी उनपर विपरीत नजर डाल रहे हैं। अपने इस बयान में उन्होंने कहा कि बीजेपी और संघ बुरे वक्त में भी मोरबी के साथ थे जबकि इंदिरा गाँधी जब यहां आई थी तो उन्होंने अपने मुंह पर रुमाल लगा रखी थी। उनके इस बयान में बाद सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें बहुत तेजी से वायरल हो रही हैं जिसमें संघ कार्यकर्ता चेहरे पर मास्क लगाकर काम करते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का बदला अंदाज भी बीजेपी और पीएम मोदी की हताशा की मुख्य वजह है। गुजरात में ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे राहुल गांधी अपने जिस अंदाज में नोटबंदी और जीएसटी को लेकर पीएम मोदी को निशाना बना रहे हैं उससे भी पीएम मोदी को हार का डर सता रहा है। बीते दिनों सोमनाथ मंदिर के पास के इलाकों में बसने वाला कोली समाज जो पीएम मोदी को भगवान के रूप में पूजते हैं, उन्होंने भी अपने बयानों में यह साफ़ कह दिया है कि वह इस बार बीजेपी के खिलाफ है।

सूबे के पाटीदारों का कांग्रेस की ओर बढ़ता रुझान भी बीजीए की चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है। जिस तरह से पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी, कल्पेश ठाकोर ने गुजरात में अपनी धमक दर्ज कराई और कांग्रेस को अपरोक्ष रूप से अपना समर्थन दिया है, उसने भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। यही नहीं हार्दिक पटेल की रैलियों में जुटने वाली लाखों लोगों की भीड़ भी इस बात का संकेत दे रही है कि इस बार मोदी लहर में बड़ी सेंध खुद मोदी के घर में लग चुकी है।

Courtesy: puridunia.

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