क्या रामराज्य में नहीं बचाए जाएंगे मासूम? यूपी,एमपी के बाद राजस्थान में 720 बच्चों की मौत, कोर्ट नाराज

क्या रामराज्य में नहीं बचाए जाएंगे मासूम? यूपी,एमपी के बाद राजस्थान में 720 बच्चों की मौत, कोर्ट नाराज

देशभर में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है क्या उत्तर प्रदेश क्या मध्यप्रदेश और अब राजस्थान जैसे राज्यों में हालत बहुत नाजुक हो चली है।

ताजा मामला राजस्थान से है जहां शहर कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में 720 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। हद तो तब हुई जब इस मामलें सरकार को नहीं कोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा।

देश में मासूमों पर बरप रहे कहर में अब नया नाम जुड़ गया है जेके लोन अस्पताल का जहां वकील को अदालत में याचिका डालने पड़ी इस बात को लेकर की कैसे पिछले 8 महीने में किर्ब 720 बच्चों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा नवजात बच्चों की संख्या ज्यादा है।

वकील का कहना है कि, न तो अस्पताल में इतने डॉक्टर है और न ही इतने संसाधन की ठीक से इलाज हो पाए। याचिका में कहा गया है कि, अधिकारियों को आदेश दिया जाये की अस्पताल में बच्चों की मौत नहीं हो इसकी रोकथाम के लिए समाधान निकला जाना चाहिए।

वकील की तरफ से पेश इस जनहित याचिका पर कोर्ट ने अस्पताल के अधीक्षक और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर इसपर जवाब मांगा है। इस साल में अस्पतालों की लापरवाही के चलते गई मासूमों की जान गंवानी पड़ी है।

चाहे वो गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हो या फिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज के ग्रहजनपथ में भुखमरी से होने वाली नवजात बच्चो की मौत हर जगह से ऐसी ख़बरें आना राज्य सरकारों की लापरवाही दर्शाता है और हैरान करने वाली बात है।

इन सभी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जो बेहतर इलाज और अच्छे अस्पतालों के लिए चाहे कुछ करें चाहें न करें मगर धार्मिक मुद्दे पर जमकर काम करती है तीन तलाक के लिए जितनी तेज़ी दिखाई वहीँ तेज़ी अगर राज्यों के स्वास्थ सेवाओं पर लगाई जाती तो ये हालात ना पैदा होते।

 

Courtesy: boltahindustan

Categories: India

Related Articles