ईवीएम पर संदेह ना हो इसलिये 99 पर रोका: हार्दिक पटेल

ईवीएम पर संदेह ना हो इसलिये 99 पर रोका: हार्दिक पटेल

गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी छाप छोड़ने वाले पाटीदार आंदोलन अनामत समिति के संयोजक हार्दिक पटेल ने बीजेपी की जीत पर सवाल उठाए हैं। हार्दिक ने एक बार दावा किया कि गुजरात में ईवीएम से छेड़छाड़ हुई थी और इसी वजह से बीजेपी जीत पाई। अब अपने अगले मिशन और रणनीति को लेकर हार्दिक ने हमारे सहयोगी प्रेरणा कटियार से बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
सवाल- आप गुजरात चुनाव को किस तरह देख रहे हैं?
जवाब- गुजरात बड़े पैमाने पर जागरूक हो गया है और आने वाले वक्त में और जागरूकता आएगी। यह हारने-जीतने से ज्यादा अहम बात है। मेरी मेहनत के कारण 22 साल से विपक्ष में रही कांग्रेस मजबूत हुई है। मुझे इसका गर्व है।

सवाल- क्या आपका मिशन बीजेपी को नुकसान पहुंचाना था?
जवाब- हां। बीजेपी ने 150 सीटों का लक्ष्य तैयार किया था, लेकिन उसे सिर्फ 99 सीटें मिलीं। बीजेपी की अकड़ अब कहां गई? जो भी घबराहट में 99 पर सिमट जाए, वह भविष्य में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकता।

सवाल- आपने आरोप लगाया है कि बीजेपी युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा मुहैया कराने में नाकाम रही। इसके बावजूद बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा क्यों रहा?
जवाब- ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है। मैं यह साबित कर सकता हूं। बीजेपी को पता था कि उसे बहुमत हासिल नहीं होगा। उन्होंने संदेह से बचने के लिए छेड़छाड़ को 99 पर रोक दिया।

सवाल- आप किस आधार पर यह आरोप लगा रहे हैं?
जवाब- नतीजे देखिए। वही इसकी तस्दीक करते हैं। बीजेपी ने ऐसे इलाकों में जीत हासिल की है, जहां उसका कोई आधार नहीं था- चाहे सूरत शहर हो, अहमदाबाद, मेहसाणा, जहां पाटीदार समुदाय के लोगों के साथ सबसे ज्यादा अत्याचार हुए। वे सिर्फ ईवीएम घोटाले से ही ऐसा कर सकते थे।

सवाल- ऐसे में आपकी क्या योजना है?
जवाब- हम पहले ही अपना पेपर तैयार कर चुके हैं और अदालत में जाएंगे।

सवाल- सौराष्ट्र में बीजेपी को 23 सीटें मिली थीं और आपने कहा था कि अगर वह इलाके में 10 से ज्यादा सीटें जीतती है, तो आप कोटा आंदोलन खत्म कर देंगे…
जवाब- गांवों में बीजेपी का सफाया हो गया। न सिर्फ सौराष्ट्र की ग्रामीण सीटों, बल्कि ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन बीजेपी से बेहतर रहा। 2012 में जब बीजेपी ने जीत हासिल की थी, तो पूरा गुजरात खुश था। इस बार सिर्फ दो लोग खुशी मना रहे थे। बाकी गुजरात असहाय महसूस कर रहा था। गुजरात में कोई भी इस तरह की जीत से खुश नहीं है।

सवाल- आपको बीजेपी और कांग्रेस को कितनी सीटें मिलने का अनुमान था?
जवाब- कांग्रेस के लिए 100 से 102 सीटों के बीच। कांग्रेस की संभावनाओं को धूमिल करने के लिए जानबूझकर कोशिशें की गईं। अगर चुनाव निष्पक्ष होते, तो बीजेपी को 78-81 सीटें मिलतीं।

सवाल- क्या गुजरात चुनाव में एनसीपी और बीएसपी की मौजूदगी ने कांग्रेस को चोट पहुंचाई, खासतौर पर उन सीटों पर जहां कांग्रेस का मार्जिन काफी कम रहा?
जवाब- मैं इस बात से सहमत हूं कि दोनों पार्टियों ने कांग्रेस के वोट शेयर में सेंध लगाई। ऐसी 20 सीटें थीं, जहां कांग्रेस को 200, 500, 1,000, 2000 और 2,500 वोटों से नुकसान हुआ। हम आसानी से 10-15 सीटें और जीत सकते थे। हर दूसरे विधानसभा चुनाव की तरह बीजेपी ने गुजरात में भी कांग्रेस को कमजोर करने के लिए बीएसपी को लड़ाया।

सवाल- एनसीपी के बारे में क्या कहेंगे? क्या आपने चुनाव से पहले एनसीपी नेता प्रफुल पटेल से मुलाकात नहीं थी?
जवाब- मैंने उनसे मुलाकात की थी, लेकिन काम नहीं हो पाया।

सवाल- मुसलमानों को लुभाने की कोशिश क्यों नहीं हुई?
जवाब- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय को डराने-धमकाने की कोशिश की। सभी पार्टियों को सभी समुदायों को साथ लेकर चलना चाहिए। ऐसी ही पार्टी सभी के लिए वास्तविक विकास का दावा कर सकती है।

सवाल- मंदिर दौरे पर राहुल गांधी को लेकर हमले को आप किस तरह देख रहे हैं?
जवाब- यह काफी दुखद है। वह राम मंदिर नहीं बनवा रहे हैं और जब राहुल गांधी मंदिरों का दौरा करते हैं, तो उन्हें समस्या है।

Categories: Politics

Related Articles