ऐपल ने जानबूझकर रोकी पुराने आईफोन्स की रफ्तार, हुआ 64 लाख करोड़ का मुकदमा

ऐपल ने जानबूझकर रोकी पुराने आईफोन्स की रफ्तार, हुआ 64 लाख करोड़ का मुकदमा

ऐप्पल के स्मार्टफोन स्लो हो रहे हैं। काफी दिनों से इसकी चर्चा चल रही है। हाल ही में कंपनी की तरफ से बताया गया था कि आईफोन की लाइफ बढ़ाने के लिए इनकी स्पीड को थोड़ा कम कर दिया गया है, और इसकी वजह बताई गई आईफोन में लगी बैटरी। यह खबर आईफोन के यूजर्स को अच्छी नहीं लगी, जाहिर है लगती भी क्यों, क्योंकि पैसे तो वह सिर्फ क्वालिटी के देते हैं, अगर क्वालिटी ही अच्छी नहीं रहेगी तो फिर इतने महंगे आईफोन लेने का फायदा ही क्या होगा। इस खबर के आने के बाद से ही ऐप्पल 9 मुकदमों का सामना कर रही है। इस मामले को लेकर ऐपल पर लोग लगातार मुकदमा कर रहे हैं। न्यू यॉर्क, न्यू जर्सी और फ्लोरिडा के कुछ लोगों ने इस मामले में कंपनी द्वारा उनके साथ किए गए धोखे के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

एक मुकदमे में कहा गया है कि उनके आईफोन को कंपनी सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए स्लो कर रही है। इस मुकदमे में लोगों ने कहा है कि उन्होंने पुराना iPhone स्लो होने की वजह से नया iPhone खरीदा है। पहले उनके पास iPhone 6, 6 Plus और iPhone 7 मॉडल थे। सैन फ्रांसिस्को में दायर किए एक मुकदमें में कहा गया है कि अगर फोन की बैटरी में दिक्कत है तो फ्री बैटरी रिप्लेसमेंट देना चाहिए। बैटरी की दिक्कत को खत्म करना चाहिए न कि फोन को स्लो कर देना चाहिए।

कैलिफोर्निया में ही एक महिला वियोलेटा मैल्यन ने ऐपल पर आईफोन स्लो करने को लेकर मुकदमा किया है। इस मुकदमे में महिला के वकीलों ने कंपनी से लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर (64 लाख करोड़ रुपए) का मुआवजा मांगा गया है। इजरायल में किए गए एक मुकदमे में पुराने आईफोन स्लो होने की वजह से कंपनी से 120 मिलियन डॉलर (करीब 770 करोड़ रुपए) मुआवजे की मांग की गई है। ऐपल के खिलाफ किए गए ताजा मुकदमे में iPhone ऑनर्स ने कहा है कि ऐपल ने फोन स्लो करने से पहले उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं दी है और पुरानी बैटरी को न बदलने को लेकर कंपनी पर फ्रॉड करने का मामला दर्ज किया गया है।

 Courtesy: Jansatta
Categories: International

Related Articles