साथ नहीं दिखेंगे ‘यूपी के लड़के’?, अकेले ही 2019 की तैयारी में जुटी सपा

साथ नहीं दिखेंगे ‘यूपी के लड़के’?, अकेले ही 2019 की तैयारी में जुटी सपा

लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 में सपा और कांग्रेस एक साथ मैदान में उतरेंगे या अलग-अलग इसको लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि सपा के स्पोकपर्सन राजेन्द्र चौधरी ने कहा- “कांग्रेस से गठबंधन होगा या नहीं इस पर बात न करते हुए हमें सपा को कैसे आगे बढ़ाना है ये सोचना है। हम उसी पर काम कर रहे हैं। अभी तक जो हुआ उसपर बात करने का कोई मतलब नहीं। लोकसभा में हम सभी सीटों पर अपने कैडिडेंट्स उतारेंगे। हमारी पिछली बैठक जो हुई थी वो भी गठबंधन को लेकर नहीं हुई बल्कि EVM को हटाकर बैलट पेपर लाने पर हुई और इस पर सभी तैयार हैं।”

2017 के विधानसभा चुनावों में हुआ था गठबंधन

-2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में के दौरान सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ था। दरअसल, सपा में एक बड़ा तबका संरक्षक मुलायम सिंह यादव की इस बात से सहमत है कि कांग्रेस से दोस्ती का कुछ भी फायदा पार्टी को नहीं मिला है। लिहाजा ऐसा माना जा रहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन 2019 तक जारी रखना फायदेमंद नहीं है।
-यूपी विधानसभा चुनाव में 403 सीटों में से बीजेपी को 325 सीटें मिली थीं, जबकि समाजवादी पार्टी को सिर्फ 47, कांग्रेस तो दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी। उसे 7 सीटें मिलीं थी।

क्या कहा सपा ने ?

सपा का स्पोकपर्सन जूही सिंह ने कहा- “2019 अभी दूर है। गठबंधन होगा या नहीं अभी तक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन हम सभी सीटों के लिए तैयारी करेंगे।”

उपचुनाव में साझा उम्मीदवार उतारने को लगा बड़ा झटका

-यूपी की सियासत में चर्चा थी कि गोरखपुर और फूलपुर संसदीय क्षेत्र में विपक्ष साझा उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में EVM के मुद्दे पर एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कई पार्टियों के नेता शामिल हुए थे लेकिन कांग्रेस और बसपा इस बैठक में मौजूद नहीं थी। हालांकि सपा की तरफ से कहा गया था कि EVM के मुद्दे पर कांग्रेस और बसपा ने अपनी सहमति दे दी है।

 

Courtesy: Bhaskar.com

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