अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सपा को विकासवादी तो भाजपा को सर्वाधिक जातिवादी पार्टी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनहित योजनाओं को बंद कर दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को 10 माह हो गए हैं, अब भी वह हमारे काम में मीनमेख निकालने में समय लगा रही है। उसके के बजाय भाजपा हमसे बेहतर बड़े काम करके दिखाती तो अच्छा होता, लेकिन काम पर उसका ध्यान नहीं है। भाजपा की सारी ताकत काम बिगाड़ने में लग रही है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश ने कहा कि भाजपा शौचालय तक को भगवा रंग में रंगकर धर्म का अपमान कर रही है। उसने शौचालय को इज्जतघर नाम देकर उसकी इज्जत पर भी रंग पोत दिया है।

उन्होंने कहा, “मैं कह रहा हूं कि रंग बदलने से खुशहाली नहीं आएगी। रंग बदलने से कुछ होने वाला नहीं है। होली के बाद जनता भाजपा का ही रंग बदल डालेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अफवाहें फैलाती हैं और जनता का ध्यान बुनियादी मुद्दों से हटाने का काम करती है। सिर्फ ध्यान हटाने के लिए सरकार पुताई का काम करती है, जिससे लोगों का ध्यान उधर न जाए।”

एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि मैं किसी संत मुख्यमंत्री से यह उम्मीद नहीं कर सकता था कि वो कहे की भगवान राम भटक रहे हैं।

उन्होंने कहा, “भाजपा सर्वाधिक जातिवादी पार्टी है। लेकिन हमको जातिवादी बताती है। उन्होंने कहा कि लोगों में इन लोगों ने इतना भ्रम डाल किया है कि हमको जातिवादी लिख दिया जाता है और भाजपा को टेक्निकल कह दिया जाता है।”

गोरखपुर महोत्सव के आयोजन पर अखिलेश ने कहा कि हम तो कला-संस्कृति के हमेशा पक्षधर रहे हैं। हम गोरखपुर महोत्सव के पक्षधर हैं। इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। हां, अब तो बराबरी हो गई है। अगर वहां पर कोई भी आयोजन हो रहा है तो सैफई से अच्छा महोत्सव कराएं।

उन्होंने कहा कि पार्टी को पार्टी को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। पार्टी को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। अभी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

अखिलेश ने कहा कि हम समाजवादी खासकर मैं, अपने दोस्त नहीं बदलेंते। गठबंधन की बात चुनाव के समय होगी। गठबंधन के इंतजार में हम पार्टी को मजबूत करने की प्रक्रिया को नहीं रोक सकते।

 

Courtesy: puridunia.

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