जज लोया केस में आया नया मोड़, जस्टिस अरुण मिश्रा ने खुद को किया केस से अलग

जज लोया केस में आया नया मोड़, जस्टिस अरुण मिश्रा ने खुद को किया केस से अलग

नई दिल्ली। सीबीआई जज बी एच लोया के केस की गुत्थी सुलझने के बजाए और उलझती जा रही है। जजों के बीच चल रहे आपसी मतभेद की वजह से लोया मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है। इस मामले में नया मोड़ उस वक्त आ गया जब जस्टिस अरुण मिश्रा ने खुद को जस्टिस लोया केस से अलग कर लिया। जस्टिस अरुण मिश्रा ने लोया केस को उचित पीठ में भेजने की सिफारिश की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में चार जजों ने इस बात को लेकर विवाद खड़ा कर दिया था कि जूनियर जजों को अहम केस दिए जाते हैं। जजों के इस विवाद में जस्टिस लोया केस का नाम भी सामने आया था।

जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने दिया ये आदेश

जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि ‘’सारे दस्तावेज सात दिनों के भीतर रिकॉर्ड पर रखे जाएं और अगर उन्हें स्वीकार कर लिया जाता है तो सारे दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को भी दिए जाएं और केस को योग्य बेंच के सामने रखें.’’ अब सीजेआई यह तय करेगी कि यह केस किस बेंच को दिया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जज लोया की मौत से संबंधित दस्तावेज सील कवर में दाखिल किये गए थे, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को यह दस्तावेज़ देने के निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने यह विश्वास दिलाया है कि वह इसे किसी के भी साथ शेयर नहीं करेंगे।

क्या है जज लोया मामला

जज लोया की एक दिसंबर 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से उस समय मौत हो गई थी, जब वह अपनी एक सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे। यह मामला तब सामने आया जब उनकी बहन ने भाई की मौत पर सवाल उठाए थे। बहन के सवाल उठाने के बाद मीडिया की खबरों में जज लोया की मौत और सोहराबुद्दीन केस से उनके जुड़े होने की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया था।

जज लोया की मौत के चार साल बाद पुलिस ने बताई उनकी मौत की वजह

नागपुर पुलिस ने जज लोया की मौत के चार साल बाद उनकी मौत की वजह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जज लोया की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हार्ट अटैक ही बताया गया था। विसरा रिपोर्ट में जज लोया के शरीर में किसी तरह का जहर नहीं पाया गया था। जज लोया के बेटे अनुज लोया ने भी पिछले दिनों कहा था कि उन्हें जज की मौत पर कोई संदेह नहीं है। फिर भी सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला और पत्रकार बंधुराज की याचिकाएं हैं, जिसके तहत मौत की जांच की जा रही है।

सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर का ट्रायल देख रहे थे जज लोया

जज लोया गैंगस्टर सोहराबुद्दीन की फर्जी मुठभेड़ के मामले का ट्रायल देख रहे थे। इस मामले मे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अभियुक्त थे। गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीदास प्रजापति के नवंबर 2005 में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में पुलिसकर्मी समेत कुल 23 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया और मुकदमे को मुंबई ट्रांसफर किया गया था।

Courtesy: puridunia

Categories: India

Related Articles