भव्य जीवनशैली और टैक्स चोरी के बारे में पूछे जाने पर पत्रकार पर भड़के रामदेव

भव्य जीवनशैली और टैक्स चोरी के बारे में पूछे जाने पर पत्रकार पर भड़के रामदेव

पतंजलि के संस्थापक और योग गुरु बाबा रामदेव ने आजतक से खास बातचीत के दौरान जब उनसे उनकी भव्य जीवनशैली और टैक्स चोरी के बारे में पूछा गया तो उनके पास कोई जवाब ही नहीं था। वह सवाल पूछने वाले पत्रकार पर ही भड़क गए और उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगा सकते।

महंगी गाड़ियों में घूमने और भव्य जीवनशैली के सवाल पर रामदेव ने कहा कि, ‘मेरे पास न गर्म कपड़ा है, न हीटर और न एसी। मैं बड़ी-बड़ी गाड़ियों में नहीं घूमता और न ही चार्टेड प्लेन में। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण और मेरे नाम पर पतंजलि का एक भी शेयर नहीं है।’

दरअसल, आजतक के एक वरिष्ठ पत्रकार ने रामदेव से पूछा कि, “जब आप हिंदुस्तान और स्वदेशी का जिक्र करते हैं और कहते हैं कि मैं देसी मिजाज का आदमी हूं तो हमे लगता है कि हिंदुस्तान की जरूरत क्या है? ऐसा बाबा जिसकी गाड़ी इतनी लंबी है..जो घूमता है चार्टेड पर…जिसके न्यूज चैनलों पर तमाम विज्ञापन चलते हैं…जिसके पास इतना पैसा है कि टैक्स छूपाने के लिए उसने ट्रस्ट बना लिया है…” पत्रकार ने रामदेव से कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंटों का कहना है कि टैक्स छूपाने के लिए आपने ट्रस्ट बना लिया है।

पत्रकार के इस तीखे सवाल पर बाबा रामदेव कुछ देर के लिए तो शांत हो गए, लेकिन उसके कुछ देर बाद ही वह सवाल पूछने वाले पत्रकार ही भड़क गए। उन्होंने कहा कि देखिए आप मुझ पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। रामदेव ने पत्रकार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आप मुझ पर टैक्स चोरी का गंभीर आरोप लगा रहे हैं जिसे मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। रामदेव ने कहा कि मैं अय्याशी बाबा नहीं हूं।

रामदेव ने कहा कि मैं टैक्स की चोरी नहीं करता हूं और ना ही मैं लंबी-लंबी गाड़ियों में घूमता हूं। उन्होंने पत्रकार से कहा कि आप मुझ पर राजनेताओं की तरह आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप मुझ पर गलत आरोप लगा रहे हैं। रामदेव ने कहा कि मेरे पास न गर्म कपड़ा है, न हीटर और न एसी। मैं बड़ी-बड़ी गाड़ियों में नहीं घूमता और न ही चार्टेड प्लेन में। रामदेव ने कहा कि बालकृष्ण और मेरे नाम पर पतंजलि का एक भी शेयर नहीं है।

उन्होंने कहा कि, ‘मैं जमीन पर सोता हूं और एक कटोरी खाना खाता हूं। कई बार तो वह भी खाने का टाइम नहीं मिलता है। मेरा स्वदेशी से मतलब यह है कि मैं देश का पैसा बाहर नहीं जाने देना चाहता। पतंजलि के ट्रस्ट के स्वामित्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘मैं इस साल 50 संन्यासियों को दीक्षा देने वाला हूं, मेरा मकसद 500 से 1000 संन्यासी बनाने का है। मेरे और बालकृष्ण के बाद पतंजलि को ऐसा संन्यासी संभालेगा, जिसके आचरण पर कोई सवाल न उठा सके।

Courtesy: jantakareporter

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