26 जनवरी से पहले इंडियन मुजाहिदीन का खतरनाक आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली दहलाने की साजिश नाकाम

26 जनवरी से पहले इंडियन मुजाहिदीन का खतरनाक आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली दहलाने की साजिश नाकाम

नई दिल्ली। इंडियन मुजाहिदीन का मशहूर आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर को आज दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुरैशी ने अपने बचाव के लिए पुलिस वालों पर गोलियां भी चलाई लेकिन आखिरकार पुलिस उसे गिरफ्तार करने में कामयाब रही। कुरैशी को भारत का बिन लादेन भी कहा जाता है। इस आतंकी की तलाश पुलिस पिछले 12 सालों से कर रही है। देश में हो चुके कई बम धमाकों में कुरैशी का बड़ा हाथ था। इस बार भी 26 जनवरी से पहले कुरैशी के पकड़े जाने पर दिल्ली दहलाने की आतंकी साजिश नाकाम हो गई है।

अब्दुल सुभान कुरैशी ने बारहवीं कक्षा के बाद कम्प्यूटर साइंस में डिप्लोमा हासिल किया। उसकी काबिलियत की वजह से उसे विप्रो कंपनी में नौकरी मिली। 1999 में कुरैशी ने निकाह कर लिया, जिसके बाद उसके तीन बच्चे भी हैं।
2007 में कुरैशी के इंदौर के नजदीक चोरल में हुए कमांडो ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने की बात सामने आई थी। वह 2008 में सिमी की उस मीटिंग में भी शामिल होने आ रहा था जिस दौरान छापे में सिमी के 13 आतंकी पकड़े गए थे।
ताज्जुब की बात यह है कि भारतीय खुफिया एजेंसियां मार्च, 2008 तक कुरैशी को जानती तक नहीं थी।

सफदर नागौरी की गिरफ्तारी के बाद देशभर में हुए धमाकों के बाद पहली बार उसका नाम सुरक्षा एजेंसियों की जुबां पर आया था। सफदर नागौरी की गिरफ्तारी और सिमी पर बैन के बाद उसने इंडियन मुजाहिदीन का एक नया माड्यूल बनाया। आतंकियों के इस नए मॉडयूल ने उनके काम करने के सारे पुराने तरीकों को बदल दिया।

कुरैशी के चेहरे की बनावट मशहूर आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलती है। इसलिए वो इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों के बीच ओसामा के नाम से मशहूर है। उसे भारत का बिन लादेन भी कहा जाता है।

देश में हुए कई खतरनाक बम धमाकों का जिम्मेदार है पकड़ा गया आतंकी

26 जुलाई 2008 को गुजरात के अहमदाबाद में 16 बस धमाके हुए थे। ये सारे धमाके 90 मिनट के अंदर किए गए थे। इन धमाकों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। सभी धमाकों में कुल मिलाकर 56 लोग मारे गए थे और 200 के करीब जख्मी हो गए थे। इन धमाकों के आरोपी के रुप में पुलिस को कुरैशी की तलाश थी। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को 11 जुलाई 2006 में मुंबई में हुए ट्रेन ब्लास्ट में इसकी तलाश थी। जबकि दिल्ली, बेंगलुरु और झारखंड में हुए धमाकों में भी उसका हाथ बताया जाता है। सूत्रों के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन के सारे ऑनलाइन काम कुरैशी ही करता है।

इंडियन मुजाहिदीन का बम विशेषज्ञ है कुरैशी

कुरैशी को इंडियन मुजाहिदीन का बम विशेषज्ञ कहा जाता है। हर बम को वो खुद तैयार करता था। इंडियन मुजाहिदीन का यह ट्रेनिंग मास्टर हर नए आतंकी को खुद खास ट्रेनिंग देता था। कुरैशी योजना बनाने में इतना शातिर है कि अहमदाबाद धमाके के बाद तकरीबन एक दर्जन धमाके हुए लेकिन आज तक एक का भी सुराग नहीं मिल पाया था। कुरैशी ने आतंकवादियों को ट्रेंड करने और जयपुर, अहमदाबाद और सूरत के सीरियल बम विस्फोटों के लिए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने में मदद की है। उसे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तान में 2001 में आतंकवाद की ट्रेनिंग दी थी।

Courtesy: puridunia

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