मोदी के ही खिलाफ खड़े हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रपति कोविंद के फैसले को बताया ‘तुगलकशाही’

मोदी के ही खिलाफ खड़े हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रपति कोविंद के फैसले को बताया ‘तुगलकशाही’

नई दिल्ली। बीजेपी के सॉटगन कहे जाने वाले नेता और सांसद शत्रुध्न सिन्हा आए दिन चर्चा में रहते हैं। सिन्हा अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर पार्टी पर निशाना साधते रहते हैं। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी कुछ इसी तरह के हैं, वह भी बीजेपी और मोदी पर हमला करने से पीछे नहीं हटते। इन नेताओं की वजह से पार्टी को कभी कभी बैकफुट पर भी आना पड़ता है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आयोग्य ठहरा दिया। जिसके बाद यशवंत सिन्हा ने इसपर निशाना साधा है।

यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति के फैसले को बताया ‘तुगलकशाही’

यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति द्वारा विधायकों को अयोग्य ठहराने की निर्वाचन आयोग की सिफारिश को मंजूरी देने को ‘तुगलकशाही’ करार दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने का राष्ट्रपति का फैसला नैसर्गिक न्याय को पूर्ण रूप से निष्फल बनाना है। कोई सुनवाई नहीं, उच्च न्यायालय के आदेश का कोई इंतजार नहीं। यह बदतरीन किस्म की तुगलकशाही है।

केजरीवाल के साथ खड़े नजर आए बीजेपी के शत्रु

वहीं, दूसरी तरफ भाजपा के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा आप की इस मुसीबत की घड़ी में पार्टी को सपोर्ट करते हुए नजर आ आए थे। शत्रु ने एक के बाद एक ट्वीट कर आप के नेताओं को परेशान न होने की बात कही थी। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था कि, ‘आप’ आए, ‘आप’ छाए, ‘आप’ ही ‘आप’ चर्चा के विषय। घर घर में, हर खबर में तो फिर किस बात की फिक्र ‘आप’ को? अगले ट्वीट में सिन्हा ने लिखा कि ‘मैं उम्मीद और कामना करता हूं कि आप को जल्दी ही न्याय मिलेगा। ‘आप’ टीम और खासकर ‘आप’ को बहुत-बहुत बधाई, ध्यान रखें हितों की राजनीति ज्यादा दिन तक नहीं चलती। चिंता मत करें। खुश रहें, सत्यमेव जयते..जय हिंद’।

इससे पहले यशवंत सिन्हा ने मोदी को बताया था तुगलक

बता दें यशवंत सिन्हा ने ये कोई पहली बार बीजेपी के खिलाफ नहीं बोला है, इससे पहले भी कई मामलों में सरकार के खिलाफ खड़े नज़र आए हैं। इससे पहले सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मोहम्मद बिन तुगलक से कर दी थी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की चुनाव आयोग की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। सोमवार को हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी। ऐसे में अगर कोर्ट से राहत नहीं मिली तो इन 20 सीटों पर दोबारा चुनाव होना तय है।

Courtesy: puridunia

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