अगर पकौड़ा बेचना नौकरी है तो भीख मांगना भी नौकरी है: पी चिदंबरम

अगर पकौड़ा बेचना नौकरी है तो भीख मांगना भी नौकरी है: पी चिदंबरम

नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रोजगार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है. चिदंबरम ने मोदी की आलोचना करते हुए एक ट्वीट किया और कहा कि अगर पकौड़ा बेचना नौकरी हो सकती है तो इस हिसाब से भीख मांगना भी नौकरी होनी चाहिए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ट्वीट में यह भी कहा कि अगर रोजगार का यही पैमाना है तो हमें देश भर के गरीब और भीख मांगने वाले लोगों की गिनती करनी चाहिए और उन सभी लोगों को रोजगार प्राप्त लोगों की श्रेणी में रखना चाहिए.

बता दें कि पीएम मोदी ने 19 जनवरी को दिए एक इंटरव्यु में रोजगार के सवाल पर कहा था, ‘अगर एक आदमी पकौड़े बेचता है और शाम को 200 रुपया घर ले कर जाता है तो क्या आप उसे रोजगार नहीं कहेंगे?’ प्रधानमंत्री के इस बयान की विपक्षी पार्टियों ने जमकर आलोचना की. सोशल मीडिया पर भी मोदी के इस बयान को लेकर लोगों ने अपनी भड़ास निकाली और मजाक भी बनाया.

चिदंबरम ने मुद्रा योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया है कि 43,000 के मुद्रा लोन से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार मिला है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं दिखता है जिसने इतने निवेश में कोई रोजगार पैदा किया हो.

पी. चिदंबरम ने कहा कि एक अन्य मंत्री का कहना है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को भी नौकरी की श्रेणी में रखना चाहिए. इसका मतलब होगा कि ये लोग 100 दिन के लिए रोजगार पर होंगे और बाकी के 265 दिन बेरोजगार बैठे रहेंगे.

 

बता दें कि इस समय देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है. बीजेपी ने 2014 में लोकसभा चुनाव के समय वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देगी. लेकिन सरकार अपने वादे पर बिल्कुल विफल रही है. साल दर साल बेरोजगारी बढ़ती जा रही है. इसे लेकर देश के कई हिस्सो में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

 

हालांकि, बीजेपी ने चिदंबरम के बयान की आलोचना की है. बीजेपी का तर्क है कि ईमानदारी से आजीविका कमाने वाले लोगों की तुलना भिखारियों से कर के कांग्रेस ने एक बार फिर इस देश के प्रत्येक गरीब-मजदूर-किसान और कर्मयोगी का अपमान किया है.

 Courtesy: ABP
Categories: India

Related Articles