बजट 2018: 40 हजार स्टैंडर्ड डिडक्शन से अधिकतम 1740 रुपये का फायदा होगा

बजट 2018: 40 हजार स्टैंडर्ड डिडक्शन से अधिकतम 1740 रुपये का फायदा होगा

नई दिल्ली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सैलरीड क्लास को राहत देने के नाम पर 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया, दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल रीइंबर्समेंट की सुविधा छीन ली है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे जेटली ने राहत तो नाम मात्र की दी और पिछले दरवाजे से ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल रीइंबर्समेंट की सुविधा छीन ली। एक्सपर्ट का कहना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन लागू होने से सैलरीड क्लास को महज 5,800 रुपये पर टैक्स का फायदा होगा क्योंकि मौजूदा दोनों भत्ते (परिवहन और चिकित्सा) छीन लिए गए।

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘वेतनभोगी करदाताओं को राहत देने के लिए मैं ट्रांसपोर्ट अलाउंस (परिवहन भत्ता) और चिकित्सा पर विभिन्न खर्चों (मिसलेनियस मेडिकल एक्सपेंसेज) के रीइंबर्समेंट की जगह 40,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव करता हूं। हालांकि, दिव्यांगजनों के लिए ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़े दर से लागू रहेगा। साथ ही, अस्पताल में भर्ती होने आदि के मामले में सभी एंप्लॉयीज को अन्य मेडिकल रीइंबर्समेंट बेनेफिट्स मिलते रहेंगे।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इस फैसले से कागजी-कार्रवाई और नियम-कानूनों का झंझट कम होने के अलावा मध्य वर्ग के नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स की देनदारी में भी कटौती हो जाएगी। स्टैंडर्ड डिडक्शन के फैसले का फायदा पेंशनभोगियों को भी मिलेगा जिन्हें परिवहन और चिकित्सा खर्च पर कोई भत्ता नहीं मिलता है। सरकारी खजाने पर इस फैसले का 8,000 करोड़ रुपये का असर होगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन के ऐलान से कुल 2.5 करोड़ सैलरीड और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।’

 Courtesy: NBT
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