#Budget2018 : सरकार ने नौकरीपेशा लोगों का दिल तोड़ा, मिडिल क्लास को दिया तगड़ा झटका

#Budget2018 : सरकार ने नौकरीपेशा लोगों का दिल तोड़ा, मिडिल क्लास को दिया तगड़ा झटका

नई दिल्‍ली। आज मोदी सरकार अपने कार्यकाल का आखिरी आम बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का भाषण शुरु हो गया है। अरुण जेटली ने संसद में मोदी सरकार का पांचवां बजट पेश कर दिया है। सरकार ने इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मिडिल क्लास को टैक्स में कोई छूट नहीं सीनियर सिटीजन्स को लेकर बड़ा एलान किया है। मेडिक्लेम पर 50,000 रुपये तक टैक्स छूट मिलेगी। बुजुर्गों का 80डी में मेडिक्लेम पर टैक्स छूट मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया। इससे आपके हर बिल पर टैक्स बढ़ गया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है जिसके बाद टीवी सेट, मोबाइल महंगे होंगे।

अपने भाषण की शुरुआत में जेटली ने कहा कि अर्थव्यवस्था पटरी पर है और भारत जल्द ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से टैक्स देनदारों की संख्या बढ़ी है़। बजट से पहले जेटली ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की थी। वहीं, बजट के आते ही सेंसेक्स में भारी गिरावट, 438 प्वाइंट नीचे गया बाजार।

बजट 2018 के बड़े ऐलान –

मिडिल क्लास के लिए कुछ खास नहीं।
नौकरी वाले लोगों को भी लगा झटका।
कस्टम ड्यूटी बढ़ने से महंगे होंगे मोबाइल-टीवी।
मोबाइल, टीवी के अलावा अन्य चीज़ों पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई।
बजट के बीच सेंसेक्स में भारी गिरावट, 438 प्वाइंट नीचे गया बाजार।
शिक्षा स्वास्थ्य पर सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया।
250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी टैक्स देना होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को डिपॉजिट पर राहत दी जाएगी।
डिपॉजिट पर छूट 10 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए हुई।
मिडिल क्लास को कोई बड़ी राहत नहीं।
नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 1 परिवार को सालाना 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। 10 करोड़ गरीब परिवारों को इसका फायदा होगा और मेडिकल खर्च मिलेगा।
हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा।
50 करोड़ लोगों को हेल्थ बीमा मिलेगा।
वेतन में भी बढ़ोत्तरी होगी। राष्ट्रपति की तनख्वाह 5 लाख, उपराष्ट्रपति की 4 लाख और राज्यपाल की 3.5 लाख कर दी जाएगी।
सांसदों के वेतन हर साल में बढ़ेंगे और सांसदों के भत्तों में इजाफा होगा।
स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहरों का चयन किया है। धार्मिक-पर्यटन वाले शहरों के लिए हेरिटेज सिटी योजना। 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा।
24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे।
टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये की मदद दी जाएगी।
प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं तक के लिए नई स्कीम लाएंगे।
बडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी।
आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे।
गांवों में 52 लाख नए घर बनाए जा रहे हैं।
खेती के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
भीम एप के जरिए किसानों को सीधे फसल बिक्री की जानकारी दी जाएगी। दूरस्थ किसानों के घरों को सड़कों से जोड़कर फसल को बिक्री केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे।
किसान पशुपालक कार्ड किसानों को भी मिलेगा।
आलू, टमाटर प्याज के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
बैम्बू के लिए नैशनल बैम्बू मिशन लॉन्च किया जाएगा।
एयर पॉल्यूशन से पंजाब, हरियाणा और यूपी को बचाने के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं।
रेल में टेक्नोलॉजी और रेलवे सुरक्षा की दिशा में अगले दो साल बड़े काम किए जाएंगे।
20, 000 लोगों से ज्यादा की प्रतिदिन भीड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
मुंबई की लोकल ट्रेन को और मजबूत किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 1.48 लाख करोड़ का प्रावधान किया है।

किसानों के लिए सरकार का वादा –

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। देश में कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है और 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य है। किसानों और गांवों के लिए दो बड़े ऐलान करने हुए कहा कि सरकार 2 हजार करोड़ की लागत से कृषि बाजार बनाएगी वहीं खरीफ फसलों का समर्थन मुल्य उत्पादन मुल्य से डेढ़ गुना होगा।

भारतीय रेलवे को और मजबूती मिलेगी

रेल पर 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटरी, गेज बदलने जैसे काम पर खर्च किए जाएंगे। पूरा रेल नेटवर्क ब्रॉड गेज बनाया जाएगा। सुरक्षा वॉर्निग सिस्टम पर जोर होगा। 600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। मुंबई में लोकल रेल नेटवर्क के लिए खास योजना के तहत मुंबई लोकल का दायरा बढ़ाया जाएगा। मुंबई में 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। माल ढुलाई के लिए 12 वैगन बनाएंगे। स्टेशनों पर वाई-फाई, सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

टैक्स को लेकर सरकार का ऐलान –

पिछले साल के मुकाबले इसे आगे बढ़ाते हुए जिन कंपनियों का टर्नओवर सालाना 250 करोड़ है उन्हें भी कॉर्पोरेट टैक्स में 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इससे देश की 99 प्रतिशत बहुत छोटे, छोटे व मछोले उद्योगों को फायदा होगा। वित्त मंत्री ने आयकर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। मिडिल क्लास को कोई राहत नहीं।

जेटली परंपरा तोड़ते हुए अपना बजट भाषण हिंदी में पेश कर रहे हैं

इस बार अरुण जेटली परंपरा तोड़ते हुए अपना बजट भाषण हिंदी में पेश कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब ठीक हो रही है और साल 2018-19 में देश की विकास दर यानी जीडीपी 7-7।5 फीसदी तक होने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ची कीमत सरकार के लिए परेशानी की वजह बन सकती है। वहीं इस बार के बजट के बारे में चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए पहली प्राथमिकता में होगा।

ये होंगी सरकार की 5 बड़ी चुनौतियां –

खेती-किसानी का संकट।
रोजगार पैदा करना।
विकास दर बढ़ाना।
वित्तीय संतुलन।
तीन भाजपा शासित राज्यों समेत आठ राज्यों में विस चुनाव व अगले वर्ष आम चुनाव।

Courtesy: puridunia.

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